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Bhopal-Indore Metro Testing Success: Reaches 5 Stations in 15 Minutes | टेस्टिंग में पास हुई मेट्रो…15 मिनट में 5 स्टेशन पहुंची: भोपाल में 1000Km दौड़ी, इंदौर में एक स्टेप दूर; भास्कर ने देखा कैसे होती है टेस्टिंग – Bhopal News

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भोपाल और इंदौर में दौड़ रही मेट्रो टेस्टिंग में पास हो गई है। हर 2 से 3 मिनट में मेट्रो एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन पहुंच रही है। यही टाइमिंग कॉमर्शियल रन के दौरान भी रहेगी। यानी, आप अगर भोपाल के सेंट्रल स्कूल स्टेशन से डीबी मॉल स्टेशन पहुंचना चाहेंगे त

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3 अक्टूबर 2023 को ट्रायल रन के बाद भोपाल में मेट्रो, ट्रैक पर करीब एक हजार किलोमीटर दौड़ चुकी है। 4 किमी (सुभाषनगर से रानी कमलापति स्टेशन) के हर रोज 2 से 4 फेरे लगा रही है। अभी 20 से 30Km प्रतिघंटा की रफ्तार से मेट्रो दौड़ रही है, लेकिन जब कॉमर्शियल रन यानी, आम लोगों के लिए मेट्रो दौड़ेगी तो स्पीड 60 से 80Km हो जाएगी।

दैनिक भास्कर के 2 रिपोर्टर्स ने देखा कि टेस्टिंग कैसे होती है? ट्रेन को एक से दूसरे स्टेशन तक पहुंचने में कितना वक्त लग रहा है? टेस्टिंग की पूरी प्रोसेस क्या है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट…

स्टेशन पर रुकी, हॉर्न बजाया और आगे बढ़ी शाम 7.30 बजे… सुभाषनगर डिपो में खड़ी मेट्रो के अंदर की लाइट चालू की गई। कुछ मिनट वहीं रुकने के बाद मेट्रो आगे बढ़ने लगी। 20 से 30 किमी प्रति घंटे की स्पीड में यह पास में ही सुभाषनगर स्टेशन आ गई। अंदर इंजीनियर बैठे और सिस्टम-सॉफ्टवेयर की जांच करने लगे। ये दिन की पहली टेस्टिंग थी। जैसे ही रात 8.38 बजे, मेट्रो की लाइट ऑन हुई और यह धीरे-धीरे ट्रैक पर दौड़ना शुरू हुई।

भोपाल में रात में मेट्रो की टेस्टिंग की जा रही है। इस दौरान स्पीड 20 से 30 किमी प्रतिघंटा तक रहती है।

भोपाल में रात में मेट्रो की टेस्टिंग की जा रही है। इस दौरान स्पीड 20 से 30 किमी प्रतिघंटा तक रहती है।

पहला स्टेशन केंद्रीय स्कूल आया। करीब 200 मीटर की दूरी पर ही रफ्तार और कम हो गई। स्टेशन पर 30 सेकेंड रुकने के बाद हॉर्न बजा और मेट्रो फिर आगे दौड़ने लगी। कुछ ही देर में यह डीबी मॉल, एमपी नगर और फिर रानी कमलापति स्टेशन पर पहुंच गई। 15 मिनट यानी, रात 8.53 बजे 5 स्टेशन पर मेट्रो पहुंच गई थी।

इसी ट्रैक पर मेट्रो रिटर्न भी हो गई और हर स्टेशन पर रुकते हुए मेट्रो 15 मिनट में वापस सुभाषनगर पहुंच गई। 1 घंटे के ब्रेक के बाद दूसरा राउंड शुरू हो गया। इस तरह एक ही रात में मेट्रो ने 3 राउंड यानी, दोनों ओर से 6 फेरे ले लिए। यह कुल 24 किमी दौड़ी।

भोपाल में रात के समय मेट्रो की टेस्टिंग 20-30 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार में की जा रही है। इस दौरान यह हर स्टेशन पर भी रुकती है।

भोपाल में रात के समय मेट्रो की टेस्टिंग 20-30 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार में की जा रही है। इस दौरान यह हर स्टेशन पर भी रुकती है।

दो तरह से होती है मेट्रो की टेस्टिंग टेस्टिंग 2 तरह से होती है। पहली नॉन स्टॉप और दूसरी हर स्टेशन पर रुकते हुए। जब नॉन स्टॉप टेस्टिंग होती है तो ट्रेन सुभाषनगर से रानी कमलापति के बीच बिना स्टॉप लिए 60 से 80Km की स्पीड में दौड़ती है। दूसरी टेस्टिंग में स्पीड 20 से 30Km रहती है, जबकि ट्रेन को हर स्टेशन पर रोका जाता है। भोपाल में अधिकतम स्पीड 90Km तक रह चुकी है।

टेस्टिंग के दौरान इंजीनियरों की टीम कई पैमाने पर जांच करती है।

टेस्टिंग के दौरान इंजीनियरों की टीम कई पैमाने पर जांच करती है।

कॉमर्शियल रन में सिर्फ 2 मिनट लगेंगे भोपाल में ऑरेंज लाइन का प्रायोरिटी रूट कुल 6.22Km का है। इसमें 8 स्टेशन रहेंगे। कॉमर्शियल रन के दौरान हर स्टेशन पर मेट्रो सिर्फ 2 मिनट में पहुंचेगी। अभी पांच स्टेशन- सुभाषनगर, केंद्रीय विद्यालय, डीबी मॉल, एमपी नगर और रानी कमलापति के बीच टेस्टिंग हो रही है। अगले 3 स्टेशन- डीआरएम ऑफिस, अलकापुरी और एम्स तक ट्रैक बिछ चुका है। फरवरी से यहां भी टेस्टिंग शुरू हो जाएगी।

भोपाल में मई-जून तक कॉमर्शियल रन भोपाल में मेट्रो का पहला रूट एम्स से करोंद तक 16.05 किलोमीटर लंबा है। इसमें से 6.22 किमी एम्स से सुभाष नगर के बीच का काम प्रायोरिटी कॉरिडोर के रूप में 2018 में शुरू हुआ था। सुभाषनगर से आरकेएमपी स्टेशन तक काम पूरा हो गया है। इसके आगे अलकापुरी, एम्स और डीआरएम मेट्रो स्टेशन के काम तेजी से चल रहे हैं।

रेलवे ट्रैक और डीआरएम तिराहे पर दो स्टील ब्रिज भी लॉन्च कर दिए गए हैं। पहले सुभाषनगर से आरकेएमपी स्टेशनों के बीच ही मेट्रो को चलाने का प्लान था, लेकिन अब यह पूरे 6.22 किमी में दौड़ेगी।

अब बात इंदौर की…बस एक स्टेप दूर, CMRS की एक टीम आई

भोपाल में मेट्रो टेस्टिंग पर है, जबकि इंदौर में अब कॉमर्शियल रन के लिए यह बस एक स्टेप दूर है। प्रदेश की पहली मेट्रो भोपाल की जगह इंदौर में पहले दौड़ेगी। यहां मेट्रो का 5Km रूट तैयार है। CMRS (कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी) की एक टीम यहां आ चुकी है। जिसने दो दिन तक ट्रेन और ट्रैक से जुड़ी हर जानकारी ली।

वहीं, दूसरी टीम सिविल यानी, स्ट्रक्चर को देखने जल्द आने वाली है। इस टीम की हरी झंडी मिलते ही आम लोग मेट्रो में सफर कर सकेंगे। मार्च-अप्रैल 2025 में इंदौर में मेट्रो दौड़ सकती है। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका उद्घाटन करने आ सकते हैं।

इंदौर में टेस्टिंग पूरी, काम भी बाकी नहीं इंदौर में गांधीनगर से एयरपोर्ट तक मेट्रो का 31.46 किमी लंबा रूट है। इसमें से 5 किमी का रूट (गांधीनगर से सुपर कॉरिडोर-3 तक) को प्रायोरिटी के रूप में रखा गया है। इस हिस्से में काम भी पूरा हो गया है। 5 स्टेशन- गांधीनगर, सुपर कॉरिडोर-6, 5, 4 और 3 भी बन चुके हैं। इस रूट पर टेस्टिंग पूरी हो गई है। यह हिस्सा भोपाल की तुलना में कम है। यहां कोई काम भी बाकी नहीं है। इसलिए भोपाल की बजाय इंदौर में पहले कॉमर्शियल रन होगा।

इन 2 स्लाइड के जरिए जानिए भोपाल और इंदौर मेट्रो के बारे में

इंदौर में आ चुकी 9 ट्रेनें, भोपाल में 5 इंदौर में अब तक 9 ट्रेनें आ चुकी हैं। 3-3 कोच की ट्रेन हैं। इस हिसाब से अब तक 27 कोच आ चुके हैं। भोपाल में 5 ट्रेन यानी 15 कोच आ चुके हैं। बता दें कि इंदौर में 3-3 कोच की कुल 25 और भोपाल में 27 ट्रेनें आएंगी।

भोपाल में पूर्व सीएम शिवराज ने किया था ट्रायल 3 अक्टूबर 2023 को भोपाल में पहली बार मेट्रो ट्रैक पर दौड़ी थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सुभाषनगर से रानी कमलापति स्टेशन तक मेट्रो में सफर किया था। इसके बाद से ही लगातार ट्रेस्टिंग की जा रही है। मेट्रो सबसे ज्यादा स्पीड 90Km प्रति घंटे से भी दौड़ चुकी है। इतनी ही स्पीड में कमर्शियल रन भी होगा। हालांकि, इससे पहले सुरक्षा के तमाम पैमाने जांचें जाएंगे। इसे सीएमआरएस टीम ही जांचेंगी। भोपाल में यह अप्रैल तक आ सकती है।

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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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