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Tea Business: चाय के ठेले को बना दी नोट छापने की मशीन, कभी फीस भरने के भी नहीं थे पैसे, अब हर दिन की कमाई…

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Kulhad Tea Business Succes: पढ़ाई का सपना छोड़ने की नौबत आ गई थी, लेकिन हिम्मत नहीं हारी. बुरहानपुर के सौरभ महाजन ने चाय बेचकर अपनी पढ़ाई जारी रखी. आइए जानते हैं उनकी पूरी कहानी.

मोहन ढाकले/बुरहानपुर. मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के रास्तीपुरा इलाके का रहने वाला सौरभ महाजन उन युवाओं में से एक है, जो हालात के सामने झुकने के बजाय लड़ना बेहतर समझते हैं. सौरभ बीबीए की पढ़ाई कर रहा है लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर है. पिता ताराचंद महाजन ऑटो चलाकर घर चलाते हैं, और मजदूरी करके बच्चों को पढ़ाने की कोशिश करते हैं.

जब सौरभ के पास कॉलेज की फीस भरने के पैसे नहीं थे, तब उसने पढ़ाई छोड़ने की बजाय एक ठोस फैसला लिया  “चाय का ठेला लगाऊंगा, और खुद अपनी पढ़ाई की जिम्मेदारी उठाऊंगा.”

सौरभ ने इंदिरा कॉलोनी में एक छोटा सा चाय स्टॉल शुरू किया, जहां वो मिट्टी के कुल्हड़ में गुड़ की चाय बेचता है. खास बात ये है कि वो चाय में चीनी की जगह गुड़ डालता है, जो स्वाद के साथ सेहत के लिए भी बेहतर है. यही वजह है कि लोग उसकी चाय खूब पसंद करते हैं.

₹12 में कुल्हड़ चाय… और रोजाना 500 से ज्यादा चाय की बिक्री!

सौरभ की चाय इतनी फेमस हो गई है कि रोज 500 से ज्यादा चाय बिक जाती है, जिससे उसे हर दिन करीब ₹6000 तक की बचत हो जाती है. ये कमाईसिर्फ उसकी कॉलेज फीस में मदद करती है, बल्कि उसे आत्मनिर्भर भी बना रही है.

सपना है सरकारी अफसर बनने का

सौरभ का सपना है कि वो आगे की पढ़ाई पूरी करके एक दिन सरकारी अफसर बने, ताकि पिता का सिर फख्र से ऊंचा हो सके. और इस सपने को पूरा करने की जिद उसके हर कप चाय में झलकती है.

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चाय के ठेले को बना दी नोट छापने की मशीन, कभी फीस भरने के भी नहीं थे पैसे!

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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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