Home मध्यप्रदेश Intensive food safety campaign in schools, colleges and hostels | स्कूलों, कॉलेजों,...

Intensive food safety campaign in schools, colleges and hostels | स्कूलों, कॉलेजों, होस्टल में फूड सेफ्टी अभियान: 2 दिनों में कैंटिन, किचन के 63 सैंपल लिए; स्चच्छता, दस्तावेजों में कमी पर जारी करेंगे नोटिस – Indore News

67
0

[ad_1]

इंदौर में जिला प्रशासन द्वारा फूड सेफ्टी अभियान तेज कर दिया है। टीम द्वारा स्कूलों, कॉलेजों और होस्टलों के किचन, कैंटिन में मौजूद खाद्य सामग्रियों की जांच की जा रही है। दो दिनों में 7 बड़े स्कूलों से 63 सैंपल लिए गए हैं। इनमें कुछेक स्थानों पर स्वच्छत

Google search engine

.

यह कार्रवाई 4 जुलाई को हुई जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक के बाद की गई। इसमें कलेक्टर ने आशीष सिंह ने अधिकारियों को नए शैक्षणिक सत्र से पहले निरीक्षण तेज करने के निर्देश दिए हैं। एडीएम गौरव बैनल द्वारा अभियान की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।

स्कूलों में एक-एक आइटम की जांच।

स्कूलों में एक-एक आइटम की जांच।

इन सात स्कूलों से लिए ये सैंपल

डेली कॉलेज : 7 सैंपल (पनीर, काजू, मसाले)

– शिशुकुंज इंटरनेशनल स्कूल : 10 सैंपल (घी, आटा, बेसन, मसाले, तेल)

– श्री सत्य साईं विद्याविहार : 6 सैंपल (घी, सब्जियां, दाल, काला नमक, पनीर, मूंगफली तेल)

– दिल्ली पब्लिक स्कूल, निपानिया : 11 सैंपल (पनीर, दही, गुलाब जामुन, बीज, दाल, सॉस, केचप, सिरका, नमक, सब्जियां)

– इंदौर पब्लिक स्कूल, राऊ : 7 सैंपल (पनीर, बेसन, घी, सोयाबीन तेल, खजूर, नमकीन, आलू की सब्जी)

– एमरल्ड हाइट्स वर्ल्ड स्कूल : 7 सैंपल (चावल, तुअर दाल, आटा, दाल, सब्जियां, नमक, घी)

– श्री लक्ष्मी गणेश फूड्स (जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल कैंपस में संचालित कैंटीन) : 8 सैंपल (घी, हक्का नूडल्स, सीजनिंग पाउडर, केचप, सोया सॉस, मेयोनीज़, रेड चिली सॉस)

– सिका स्कूल : 7 सैंपल (पके चावल, दाल, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, हल्दी, पनीर मसाला, नमक)

स्वच्छता, दस्तावेज़ और भंडारण पर विशेष ध्यान

यह नियमित निरीक्षण खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के अंतर्गत किया जा रहा है। इसमें किचन और आसपास के क्षेत्र की स्वच्छता, कच्चे और पके खाद्य पदार्थों का सुरक्षित भंडारण, कीट नियंत्रण व्यवस्था, और पीने व भोजन बनाने के पानी की नियमित जांच (NABL प्रमाणित प्रयोगशालाओं में) आदि हैं।

हालांकि अधिकांश किचन में सफाई का स्तर संतोषजनक पाया गया लेकिन कई स्कूलों में दस्तावेज़ों की कमियां पाई गई है। इनमें खाद्य सुरक्षा लाइसेंस नहीं होना या वैधता खत्म होना होना, खरीद के अधूरे रिकॉर्ड आदि खामियां हैं।

सफाई सहित अन्य व्यवस्था भी जांच के घेरे में।

सफाई सहित अन्य व्यवस्था भी जांच के घेरे में।

15 दिनों की समय सीमा की चेतावनी

निरीक्षण के बाद, स्कूलों और कैंटीन संचालकों को निर्देश दिए गए कि वे कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता में सुधार करें। नियमित रूप से कीट नियंत्रण करवाएं। पानी की जांच प्रमाणित लैब में कराएं। साथ ही, कच्चे खाद्य पदार्थों को सूखी, स्वच्छ और ऊंची जगह पर रखें। सभी सामग्रियां लाइसेंसी विक्रेताओं से ही खरीदें।

इन सभी खामियों को सुधारने के लिए 15 दिन की समयसीमा निर्धारित की गई है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इसके बाद दोबारा निरीक्षण होगा और यदि फिर भी खामियां मिली तो खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि अभियान जारी रहेगा ताकि स्टूडेंट्स को सिर्फ पौष्टिक ही नहीं बल्कि सुरक्षित और स्वच्छ रूप से तैयार भोजन मिले।

[ad_2]

Source link

Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
Google search engine

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here