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The case of 80 nursing students in Rewa has gained momentum | डॉक्टर पर 80 नर्सिंग छात्राओं ने लगाया उत्पीड़न का आरोप: रीवा मेडिकल कॉलेज में JDA और ABVP ने दिया समर्थन; डॉक्टर को ड्यूटी से हटाने की मांग – Rewa News

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JDA और ABVP ने किया समर्थन, कार्रवाई की मांग।

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रीवा के संजय गांधी अस्पताल के ईएनटी विभाग के डॉक्टर अशरफ पर बीएससी नर्सिंग की 80 छात्राओं ने यौन दुर्व्यवहार और असहज व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्राओं ने नर्सिंग कॉलेज की प्राचार्य को लिखित शिकायत दी है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर के व्यवहार से वे

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प्राचार्य ने छात्राओं की शिकायत को गंभीर मानते हुए श्यामशाह मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. सुनील अग्रवाल को पत्र लिखा। डीन ने मामले की जांच के लिए आंतरिक परिवाद समिति की तीन सदस्यीय टीम बनाई है। इसमें डॉ. शशि जैन (नेत्र रोग विभागाध्यक्ष), डॉ. नीरा मराठे (पीएसएम), रीना पटेल (स्टाफ नर्स), और एनजीओ प्रतिनिधि कमलेश सचदेवा शामिल हैं। टीम को एक सप्ताह में रिपोर्ट देने को कहा गया है।

JDA और ABVP ने किया समर्थन, कार्रवाई की मांग जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के डॉ. आशय द्विवेदी ने कहा, 80 छात्राओं ने एक ही डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। निलंबन और निष्कासन ही एक मात्र उपाय है। जब तक जांच पूरी नहीं होती, तब तक डॉक्टर को ड्यूटी से हटाना चाहिए। मंगलवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने भी कॉलेज में प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने “डीन तुम शर्म करो” और “डॉ. अशरफ इस्तीफा दो” जैसे नारे लगाए। उन्होंने डीन के चैंबर के बाहर प्रदर्शन करते हुए कॉलेज प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया।

डीन को भी शर्म करनी चाहिए- जिला संयोजक जिला संयोजक पीएन पांडे ने कहा “अगर 80 छात्राएं एक ही बात कह रही हैं तो वे झूठ नहीं बोल सकतीं। यह रीवा की साख पर सवाल है। मेडिकल कॉलेज के डीन को भी शर्म करनी चाहिए।”

JDA ने मंगलवार को छात्रों के समर्थन में आवाज उठाई।

JDA ने मंगलवार को छात्रों के समर्थन में आवाज उठाई।

छात्राओं ने ENT विभाग में ड्यूटी करने से मना किया डॉ. अशरफ की देखरेख में होने वाले क्लीनिकल कामों से नर्सिंग की द्वितीय और तृतीय वर्ष की छात्राओं ने हाथ खींच लिया है। उन्होंने कहा कि कोलकाता के RG कॉलेज की घटना के बाद उन्होंने यह फैसला लिया। छात्राओं का कहना है कि डॉक्टर का व्यवहार क्लीनिकल लर्निंग माहौल को प्रभावित कर रहा है।

प्राचार्य प्रवीण पटेल ने बताया, छात्राओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ENT विभाग में उनकी ड्यूटी पर रोक लगाई गई है।

पूर्व में भी विभाग पर लगे हैं आरोप ENT विभाग वही है जहां कुछ दिन पहले एक वार्ड बॉय ने नाबालिग के साथ छेड़छाड़ की थी। नाबालिग ने गैंगरेप के भी आरोप लगाए थे। उस मामले की जांच अभी जारी है।

प्रबंधन बैकफुट पर, कार्रवाई की मांग तेज लगातार शिकायतों और छात्र संगठनों के दबाव के बाद कॉलेज प्रबंधन बैकफुट पर आ गया है। अब जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर अशरफ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डीन डॉ. सुनील अग्रवाल ने कहा, “छात्राओं ने चिकित्सक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।”

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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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