Home मध्यप्रदेश Includes public works, school education, water resources and public health engineering |...

Includes public works, school education, water resources and public health engineering | हलचल: लोक निर्माण, स्कूल शिक्षा, जल संसाधन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी शामिल – Bhopal News

53
0

[ad_1]

पंचायत विभाग में आरक्षित व अनारक्षित की स्थिति बराबर

Google search engine

.

प्रदेश के कर्मचारियों की पदोन्नति पर 9 साल से लगी रोक हटने जा रही है। सरकार ने पदोन्नति के लिए नियम-2025 बनाए हैं। इनके अनुसार, जुलाई में विभागों की पहली डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी (डीपीसी) की बैठक होनी है, जहां रिक्त पदों पर पदोन्नति होगी। प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया है कि वर्तमान स्थिति के अनुसार 54 विभागों में से अधिकतर विभागों में होने वाली डीपीसी में विभागाध्यक्ष (एचओडी) और डायरेक्टर के पदों पर वरिष्ठता के आधार पर अफसर काम कर रहे हैं। इन पदों को भरे जाने के लिए पहली डीपीसी की बैठक होनी है।

इसमें मंत्रालय में अंडर सेक्रेटरी के 65 पदों में से 18 भरे हैं, जिनमें से 17 आरक्षित (एससी-एसटी) और एक अनारक्षित वर्ग से भरा है। इन्हीं में से डिप्टी सेक्रेटरी के रिक्त 14 पदों पर पदोन्नति होनी है। यानी डिप्टी सेक्रेटरी के 14 पदों पर एससी-एसटी ही जाएंगे।

54 विभागों में डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी की बैठक होनी शुरू हो जाएगी

एडिशनल सेक्रेटरी के 3 पद खाली जो अफसर डिप्टी सेक्रेटरी बनेंगे, उन्हीं में से आरक्षित वर्ग के तीन लोगों को एडिशनल सेक्रेटरी बनाया जाएगा। नीचे के पदों में सेक्शन ऑफिसर के 145 पदों में से 27 पद भरने हैं। इनमें से सभी की पदोन्नति अंडर सेक्रेटरी के पदों पर की जाएगी। बाकी रिक्त 118 पदों पर पदोन्नति होगी तो ये आरक्षित वर्ग से भरे जाएंगे। सेक्शन ऑफिसर के जो पद भरे जाने हैं, वे आरक्षित वर्ग से भरे जाने हैं।

स्कूल शिक्षा और पंचायत विभाग विभाग में ग्रेडेशन लिस्ट में शुरुआती 8 प्राचार्य अनारक्षित वर्ग से हैं। इसके बाद 9 से 128 तक प्राचार्य आरक्षित वर्ग से हैं, जिनकी असिस्टेंट डायरेक्टर के पद पर पदोन्नति होनी है। पंचायत विभाग में रोस्टर प्रणाली लागू होने से डीपीसी में नियम के हिसाब से 64 प्रतिशत पदों पर सामान्य और 36 प्रतिशत पर आरक्षित वर्ग के अफसरों की पदोन्नति होगी।

पीडब्ल्यूडी में यह है स्थिति लोक निर्माण विभाग(पीडब्ल्यूडी) में पांचों ईएनसी के पदों पर वरिष्ठता के आधार पर आरक्षित वर्ग से सुपरिटेंडेंट इंजीनियर (एसई) प्रभार में काम कर रहे हैं। पीडब्ल्यूडी में होने वाली डीपीसी में ईएनसी के सभी पद फीडिंग कैडर सीई से भरे जाएंगे। पहले एसई से चीफ इंजीनियर के 23 पदों पर पदोन्नति होगी, जिनमें से ईएनसी के पांच पद भरे जाएंगे।

[ad_2]

Source link

Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
Google search engine

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here