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दिलखुश के लिए वरदान साबित हुई यह योजना, लोन लेकर शुरू किया धंधा, अब हर माह 2 लाख कमा रहे मुनाफा

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Saharsa Diklhush Success Story: सहरसा जिले के सौरबाजार प्रखंड स्थित अर्राहा गांव निवासी दिलखुश कुमार को पढ़ाई के बाद नौकरी नहीं मिली. इसके बाद मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत 10 लाख लोन लेकर बेकरी उद्योग स्थापित…और पढ़ें

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पहले रोजगार के लिए दर-दर भटक रहा था दिलखुस

हाइलाइट्स

  • मुख्यमंत्री उद्यमी योजना से दिलखुश को 10 लाख का लोन मिला.
  • बेकरी उद्योग से दिलखुश हर माह 2 लाख कमा रहे हैं.
  • दिलखुश ने 2-3 लोगों को रोजगार भी दिया है.

सहरसा. बिहार सरकार और केंद्र सरकार की कई योजनाएं हैं, जिनका लाभ समय-समय पर लोगों को मिलता रहा है. कई लोगों के लिए ये योजनाएं वरदान साबित हो रही हैं, और कई बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिल रहा है. कुछ लोग खुद का उद्योग चला रहे हैं और दूसरों को भी रोजगार दे रहे हैं. इसी कड़ी में आज हम एक ऐसे युवक के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके लिए बिहार सरकार की मुख्यमंत्री उद्यमी योजना किसी वरदान से कम नहीं रही. ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद जब उन्हें नौकरी नहीं मिली, तो उन्होंने बिहार सरकार के उद्योग विभाग से मुख्यमंत्री उद्यमी योजना का लाभ लेकर खुद का बेकरी उद्योग शुरू किया और अब लाखों रुपए कमा रहे हैं.

बेकरी से हर माह कमा रहे 2 लाख मुनाफा

सहरसा जिले के सौरबाजार प्रखंड के अर्राहा गांव निवासी दिलखुश कुमार की पारिवारिक स्थिति ठीक नहीं थी. उनके पिता किसान हैं और ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद जब दिलखुश नौकरी की तलाश कर रहे थे और उन्हें नौकरी नहीं मिली. इसी दौरान उद्योग विभाग से मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के बारे में जानकारी मिली. दिलखुश ने इस योजना का लाभ पाने के लिए आवेदन किया और चयन होने के बाद उन्हें सरकार की तरफ से 10 लाख का लोन मिला. इस पैसे से दिलखुश ने बेकरी उद्योग शुरू किया और अब कई प्रकार के बिस्किट तैयार कर बाजारों में सप्लाई कर रहे हैं. यही नहीं, दिलखुश अब 2 से 3 लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं और महीने के 2 लाख की कमाई कर रहे हैं.

असफलता से नहीं होना चाहिए निराश

दिलखुश ने लोकल 18 को बताया कि गांव में एक भी बेकरी उद्योग नहीं था, तो सोचा क्यों ना गांव में ही बेकरी उद्योग खोलकर अलग-अलग प्रकार के बिस्किट तैयार कर मार्केट में सप्लाई किए जाएं. सरकार से लोन मिलने के बाद उन्होंने पटना सहित अन्य जिलों से कई मशीनें लाकर छोटे से कमरे में सेट कर दी और इसी कमरे में उद्योग का कारोबार शुरू कर दिया. दिलखुश ने बताया कि युवाओं को निराश नहीं होना चाहिए.सरकार की कई ऐसी योजनाएं हैं जिनके माध्यम से बेरोजगार युवक खुद का रोजगार स्थापित कर सकते हैं, बस युवाओं को जानकारी होनी चाहिए. उन्होंने बताया कि अब वे पहले से बेहतर जिंदगी जी रहे हैं, परिवार के सदस्य भी खुश हैं और सारी चिंताएं दूर हो चुकी हैं.

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दिलखुश ने लोन लेकर शुरू किया यह धंधा, अब हर मार 2 लाख कमा रहे मुनाफा

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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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