Home अजब गजब Myanmar के बाद अब जापान में “धरती के सबसे प्रलयकारी महाभूकंप” की...

Myanmar के बाद अब जापान में “धरती के सबसे प्रलयकारी महाभूकंप” की चेतावनी जारी, 3 लाख से ज्यादा मौतों की आशंका

57
0

[ad_1]

जापान में भूकंप की प्रतीकात्मक फाइल फोटो।
Image Source : AP
जापान में भूकंप की प्रतीकात्मक फाइल फोटो।

टोकियोः थाईलैंड और म्यांमार में आए 7.7 तीव्रता के भूकंप के बाद अब जापान में “धरती के सबसे भयानक महाभूकंप” की चेतावनी जारी की गई है। इससे सिर्फ जापान ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में हड़कंप मच गया है। बता दें कि म्यांमार और थाईलैंड के भूकंप में अब तक 2000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। धरती के सबसे मेगा भूकंप में 3 लाख से ज्यादा लोगों की मौत होने की आशंका भी जाहिर की गई है। इससे आप भूकंप की भयावहता का अंदाजा लगा सकते हैं। “न्यूजवीक की रिपोर्ट” के अनुसार सोमवार को जापानी सरकार ने द्वीपसमूह राष्ट्र में अगले “महाभूकंप” के आने और इसमें करीब 300,000 लोगों की मौत की आशंका होने समेत विनाशकारी आर्थिक क्षति की बड़ी चेतावनी जारी की है।

Google search engine

2 ट्रिलियन डॉलर तक का नुकसान

जापान में आने वाले इस महाभूकंप से 2 ट्रिलियन डॉलर से अधिक की आर्थिक क्षति होने के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। बता दें कि जापान प्रशांत महासागर के बाहरी किनारों पर स्थित है, जिसे “रिंग ऑफ फायर” के रूप में जाना जाता है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार दुनिया के सबसे बड़े भूकंपों में से लगभग 81 प्रतिशत यहीं आते हैं।

2011 में जापान में आया था भीषण भूकंप और सुनामी

11 मार्च, 2011 को उत्तरी जापान के क्षेत्र में 9.0 तीव्रता का भयंकर भूकंप आया था। यह जापान में अब तक का सबसे बड़ा भूकंप था। इस अभूतपूर्व आपदा ने सुनामी को जन्म दिया और परमाणु दुर्घटना हुई, जिसमें कम से कम 19,729 लोग मारे गए। जापानी सरकार के भूकंप टास्क फोर्स द्वारा तैयार की गई नवीनतम रिपोर्ट में, यह अनुमान लगाया गया है कि 8-9 की तीव्रता वाले “नानकाई ट्रफ मेगाक्वेक” में 298,000 लोग मारे जा सकते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि हताहतों में अकेले सुनामी तूफान के कारण 215,000 लोगों की मौत हो सकती है।

क्या है नानकाई ट्रफ

बता दें कि नानकाई ट्रफ जापान में मुख्य भूमि के दक्षिणी तट पर स्थित एक समुद्री खाई है। यह अमूर, ओखोटस्क और फिलीपीन सागर प्लेटों के बीच ट्रिपल सीमा पर स्थित है। 2011 का भूकंप इसी पास के जापान ट्रेंच में हुआ था। जापान में हर 100 से 150 साल में नानकाई गर्त भूकंप आता है और विशेषज्ञों को लंबे समय से डर है कि निकट भविष्य में वहां एक और भूकंप आ सकता है। गर्त से जुड़े अंतिम पुष्ट भूकंप 1944 और 1946 में दर्ज किए गए थे, जो देश के मध्य से दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में आए थे। इससे पहले जापान ने 2012 में भी एक ऐसे ही भूकंप की चेतावनी जारी की थी। 

कब आ सकता है यह भूकंप, 98 फीट ऊंची लहरों का डर

जापान की सरकार ने इस महाभूकंप का कोई सटीक समय तो नहीं बताया है, लेकिन इतना जरूर कहा है कि यह मेगा भूकंप 30 साल के भीतर आने की संभावना है। आधिकारिक अनुमानों के अनुसार, सबसे खराब स्थिति में कुछ क्षेत्रों में जापान के भूकंपीय तीव्रता पैमाने पर उच्चतम स्तर 7 का अनुभव हो सकता है। साथ ही 98 फीट से अधिक ऊंची सुनामी लहरें भी उठ सकती हैं। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, जापान के सात-अंकीय पैमाने का उच्चतम स्तर लोगों के लिए खड़े रहना असंभव बना देगा, जबकि भूकंप के प्रति कम प्रतिरोध वाली इमारतें ढह जाएँगी।

कार्टूनिस्ट मंगा की भविष्यवाणी पर भी छिड़ी चर्चा

जापानी महाभूकंप रिपोर्ट का विमोचन शुक्रवार को म्यांमार में आए 7.7 तीव्रता के झटकों के बाद हुआ है, जिसमें 2 हजार से ज्यादा लोगो मारे गए हैं। इस चेतावनी ने 1999 में प्रकाशित कार्टूनिस्ट लेखक के सपनों की रिकॉर्डिंग पर एक बार फिर से चर्चा शुरू कर दी है। इसे अब मंगा की “भविष्यवाणी” से जोड़कर देखा जा रहा है। पाठकों ने पाया कि इन्होंने 2011 के भूकंप की भविष्यवाणी भी की थी। इस पुस्तक में कार्टूनिस्ट ने जुलाई 2025 में भी एक आपदा की बात कही है। कॉमिक में इस आपदा के कारण जापान और फिलीपींस के बीच समुद्र तल में “विस्फोट” होने के कारण जापान का एक तिहाई क्षेत्र जलमग्न हो सकता है, जिससे 2011 में आई सुनामी से तीन गुना बड़ी सुनामी आ सकती है। ताइवानी पत्रिका ग्लोबल व्यूज़ मंथली के अनुसार, कॉमिक में बताई गई 15 भविष्यवाणियों में से दस सच साबित हुई हैं। इनमें से एक कोविड-19 महामारी भी थी।

Latest World News



[ad_2]

Source link

Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
Google search engine

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here