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‘City government’ can increase tax on property and water | प्रॉपर्टी-पानी पर टैक्स बढ़ा सकती है ‘शहर सरकार’: भोपाल में साइज के हिसाब से हॉस्पिटल की फीस; ₹3 हजार करोड़ का बजट – Bhopal News

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महापौर मालती राय ने पिछला बजट पेश किया था। 3 अप्रैल को भी वे ही बजट पेश करेंगी।

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भोपाल में ‘शहर सरकार’ प्रॉपर्टी और पानी पर टैक्स बढ़ा सकती है। यदि टैक्स बढ़ता है तो यह मौजूदा परिषद में पहली बार होगा। तीन साल पहले जलकर बढ़ा था, तब तत्कालीन निगम कमिश्नर केवीएस चौधरी कोलसानी ने बजट पेश किया था, जबकि भोपाल संभागायुक्त गुलशन बामरा ने उस

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जलकर 15% यानी, 30 रुपए की बढ़ोतरी की गई थी। अबकी बार भी 10% तक जलकर बढ़ सकता है।

जलकर बढ़ाए जाने की तस्वीर 3 अप्रैल को होने वाली बजट बैठक में ही साफ हो सकेगा, क्योंकि विपक्ष जल कर बढ़ाने का विरोध कर रहा है। दूसरी ओर, निगम के जिम्मेदार आर्थिक तंगी का हवाला दे रहे हैं। जल कर के अलावा प्रॉपर्टी टैक्स में भी 10 से 15% तक की बढ़ोतरी संभव है। हालांकि, बजट और बैठक में लिए जाने वाले निर्णय को पूरी तरह से गोपनीय रखा जा रहा है। इसे लेकर एक गोपनीय बैठक भी होगी।

ऐसे समझे भोपाल में पानी की बढ़ीं कीमतें शहर में पौने 3 लाख से ज्यादा नल कनेक्शन हैं। इनमें 2 लाख कनेक्शन 2400 स्क्वायर फीट या इससे कम एरिये वाले मकानों में लगे हैं। करीब 25 हजार कनेक्शन 2400 स्क्वायर फीट एरिये वाले मकानों में लगे हैं। बाकी गरीब वर्ग के घरों में कनेक्शन हैं।

  • जिन लोगों के मकान 2400 स्क्वायर फीट तक एरिये में बने हैं, उनसे 210 रुपए प्रतिमाह लिए जा रहे हैं। तीन साल पहले प्रतिमाह 30 रुपए की बढ़ोतरी हुई थी।
  • जिनके मकान 2400 स्क्वायर फीट से अधिक एरिये में बने हैं, वे 300 रुपए प्रतिमाह चुका रहे हैं।
  • गरीब वर्ग के लोगों को 30 रुपए प्रतिमाह की जल प्रभार शुल्क देना पड़ रहा है।

पिछली बार 3353 करोड़ रुपए का आया था बजट ‘शहर सरकार’ का पिछला बजट कुल 3353 करोड़ रुपए का पेश हुआ था। इस बजट में कोई भी टैक्स नहीं बढ़ाया गया था। अवैध से वैध हुई कॉलोनियों में विकास कार्य कराए जाने के लिए करोड़ों रुपयों का प्रावधान जरूर किया गया था।

वहीं, डोर-टू-डोर कचरा इकट्‌ठा करने के लिए इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने का प्रावधान भी था। इस प्रस्ताव के तहत निगम ने 100 से अधिक इलेक्ट्रिक रिक्शा खरीदे हैं।

प्रॉपर्टी टैक्स में जितनी राशि मिलेगी, उसमें से 50% उसी वार्ड में खर्च होंगी।कंवेंशन सेंटर 10 करोड़ रुपए और तालाबों को संवारने के लिए 5 करोड़ रुपए खर्च करने के प्रस्ताव भी बनाए थे। वहीं, राजधानी की सभी मुख्य सड़कों पर हरिगेज गेट बनाने का प्रस्ताव था। इस पर अमल नहीं हुआ है। निगम कर्मियों के 10वीं और 12वीं की मैरिट लिस्ट में आने वाले बच्चों को 5 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि देने के प्रस्ताव का अमल में लाया जा चुका है।

3 अप्रैल को होने वाली बैठक में एक और प्रस्ताव निगम मुख्यालय की बिल्डिंग को लेकर आएगा। लिंक रोड नंबर-2 पर बन रही बिल्डिंग में पूर्व में 33.27 करोड़ रुपए मंजूर किए गए थे। इस राशि के अलावा 6.47 करोड़ रुपए की राशि की और मंजूरी देने के लिए प्रस्ताव परिषद में आएगा। एमआईसी में प्रस्ताव को पास किया जा चुका है।

दो स्लाइड में समझे पिछली बार का बजट…

3 महीने के बाद होगी मीटिंग पिछली बैठक 13 दिसंबर को हुई थी। यह मीटिंग करीब तीन महीने में हुई थी, जबकि नियम 2 महीने के अंदर का है। इस बार भी एक महीना ज्यादा बीत चुका है। ऐसे में विपक्ष यानी, कांग्रेस पार्षदों ने विरोध जताया है।

हालांकि, 24-25 फरवरी को भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट थी। मीटिंग में देरी होने की वजह इसे ही बताया जा रहा है।

मौजूदा कार्यकाल में पहली बार बढ़ेगा यदि जल कर में बढ़ोतरी होगी है तो यह मौजूदा कार्यकाल में पहली बार होगा। हालांकि, पिछली बैठकों में जल कर बढ़ाने की चर्चा थी, लेकिन बाद में फैसला टाल दिया गया था।

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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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