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गुजरे जमाने की होली मनाने की परंपरा हो रही विलुप्त, जिसे जीवित रखना हम सबकी जिम्मेदारी- पुष्पेंद्र प्रताप सिंह

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छतरपुर प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष पुष्पेन्द्र प्रताप सिंह के द्वारा होली के दूसरे दिन होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान हजारो की संख्या में लोग शामिल हुए और सभी ने डीजे की धुन में जमकर डांस किया और एक दूसरे को रंगगुलाल लगाते हुए होली की शुभकामनाएं दी। 

होली मिलन समारोह के दौरान गुड्डू भैया ने कहा कि, आज के आधुनिक युग में गुजरे जमाने की होली मनाने की पुरानी परंपरा विलुप्त होती दिख रही है। इस परंपरा को जीवित रखने की जिम्मेदारी हम सब की है। दो दशक पूर्व फागुन माह प्रवेश करते ही लोग होली त्योहार की तैयारी में जुट जाते थे। लोगों में त्योहार को लेकर काफी उत्साह रहता था। लेकिन आज के दौर में गुजरे जमाने की होली मनाने की परंपरा लगभग समाप्त हो चुकी है। पुरानी संस्कृति के अनुसार शाम ढलते ही होली गीत गाने वालों की टोली जुटती थी। देर रात तक गीत गाने का दौर चलता रहता था। होली की गीतों से गांव और शहरी क्षेत्र का माहौल गुंजायमान रहता था। इसमें बुजुर्ग युवा व बच्चे एक साथ बैठते थे। लेकिन अब हर इंसान अपनी व्यवस्ता के चलते त्यौहारों को पुरानी परंपरा अनुसार मनाने में रूचि नहीं रखता। वहीं नई पीढ़ी नशा की आदी हो गई है। जिससे त्यौहार के दिन अधिकतर युवा नशे की हालत में दिखते है। उन्होने कहा कि, होली हिूदू धर्म का एक प्रमुख और बड़ा त्यौहार है। जिससे हमारी देश की संस्कृति को जानने और पहचाने का अवसर मिलता है। होली मिलन समारोह में पुष्पेन्द्र प्रताप सिंह लोगो के साथ खूब झूमते और गाते दिखे। बता दे कि, यह होली मिलन समारोह पुष्पेन्द्र प्रताप सिंह विगत 10 वर्षों से लगातार आयोजित कर रहे हैं।

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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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