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Lioness cub having fun in Indore zoo, watch the video | इंदौर जू में शेरनी के शावक की मस्ती, देखिए video: जनवरी-फरवरी में जू में आए 11 नन्हें मेहमान; एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत आएगा जंगली भैंसा – Indore News

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इंदौर के कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में इस साल जनवरी और फरवरी के दौरान वन्य प्राणियों के 11 बच्चों ने जन्म लिया है। इनमें बाघिन जमना के 3 शावक, शेरनी सुंदरी के 2 शावक, एक हिप्पोपोटामस का बच्चा, मादा भालू प्रभा के 2 और मादा भालू मधु के 3 बच्चे शामिल

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चिड़ियाघर प्रभारी डॉ. उत्तम यादव का कहना है कि इंदौर का चिड़ियाघर अब केवल वन्य प्राणियों को रखने का केंद्र ही नहीं, बल्कि वन्य प्राणियों का ब्रीडिंग सेंटर भी बन चुका है। इंदौर चिड़ियाघर में अब वन्य प्राणियों की संख्या बढ़कर 1300 से अधिक हो गई है।

इंदौर चिड़ियाघर का मजबूत ब्रीडिंग प्रोग्राम

चिड़ियाघर के क्यूरेटर निहार पारुलेकर ने बताया कि इंदौर चिड़ियाघर की सबसे बड़ी विशेषता इसका मजबूत ब्रीडिंग प्रोग्राम है। इसी के तहत बाघिन जमना ने तीन बच्चों को जन्म दिया है, जिनमें एक वाइट (सफेद) और दो मेलानिस्टिक ब्लैक (काले) शावक हैं। शेरनी सुंदरी ने भी दो बच्चों को जन्म दिया है।

इसके अलावा, भालू और हिप्पोपोटामस के बच्चों का जन्म भी इस साल दो महीनों में हुआ है। वहीं, 2024 में जेब्रा और शेर के बच्चों का जन्म हुआ था। खास बात यह थी कि मध्य प्रदेश में पहली बार किसी अफ्रीकन जेब्रा ने संतान को जन्म दिया था।

बता दें की एमपी में सिर्फ इंदौर जू में ही अफ्रीकन जेब्रा का जोड़ा मौजूद है, जिसे 3 साल तक कोशिश करने के बाद गुजरात से लाया गया था। इसके बदले इंदौर से व्हाइट टाइगर भेजा गया था।

बाघिन जमना ने 10 से अधिक शावकों को जन्म दिया

बाघिन जमना अब तक 6 बार में 10 से अधिक शावकों को जन्म दे चुकी है। उसे लगभग 8 साल पहले भोपाल के वन विहार नेशनल पार्क से इंदौर लाया गया था। निहार पारुलेकर ने बताया कि सभी शावक स्वस्थ हैं और उन्हें निगरानी में रखा गया है। बाड़े में शावकों की निगरानी के लिए कर्मचारियों की तैनाती भी की गई है।

गौरतलब है कि तीन साल पहले जमना दो बार पिंजरा तोड़कर बाहर आ चुकी थी। 27 नवंबर को वह 12 फीट ऊंची जाली कूदकर भाग गई थी, जबकि 12 दिसंबर को बाड़ा तोड़कर बाहर निकली थी। हालांकि, उसने पर्यटकों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया था।

2022 में दुर्लभ तीन रंगों के बाघ का जन्म हुआ था

जुलाई 2022 में सफेद बाघिन रागिनी ने तीन शावकों को जन्म दिया था, जिनमें एक सफेद, एक पीला और एक काले रंग का शावक था। यह दुनिया का पहला ऐसा बाघ था, जिसमें तीन अलग-अलग रंगों का संयोजन देखा गया था।

हालांकि, जन्म के तीन दिन बाद बाघिन ने ही अपने एक शावक को खा लिया था। यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि शावक की प्राकृतिक मृत्यु हुई थी या बाघिन ने बीमारी के कारण उसे मार दिया था।

पहली बार शावकों को कुतिया का दूध पिलाया गया

2014 में बाघिन सीता के गर्भ से जन्मे शावक ‘लकी’ को मां दूध नहीं पिला रही थी। ऐसे में चिड़ियाघर प्रशासन ने लेब्राडोर नस्ल की कुतिया जिमी का दूध पिलाने का फैसला किया। टाइग्रेस के दूध से मिलान करने के बाद जिमी को चिड़ियाघर लाया गया और तीन महीने तक टाइगर का बच्चा कुत्ते के बच्चे के साथ पला-बढ़ा।

यह प्रयोग इतना सफल रहा कि देशभर में चर्चा का विषय बन गया। इसके बाद इसी तकनीक का उपयोग बिलासपुर और औरंगाबाद के चिड़ियाघरों में भी किया गया। आज ‘लकी’ इंदौर चिड़ियाघर का सबसे स्वस्थ और बड़ा बाघ है।

इंदौर जू में बायसन लाने की तैयारी

इंदौर चिड़ियाघर में जल्द ही एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत जंगली भैंसा (बायसन) लाने की योजना बनाई जा रही है। इस योजना के तहत कर्नाटक जू से बायसन के दो जोड़े लाए जाएंगे, जिसके बदले में इंदौर जू से शेरों का एक जोड़ा भेजा जाएगा।

प्राणी संग्रहालय द्वारा एक्सचेंज प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली गई है। सेंट्रल जू अथॉरिटी से अनुमति मिलने के बाद जल्द ही बायसन को इंदौर लाया जाएगा।

245 विदेशी पक्षी और जानवर इंदौर जू में मौजूद

52 एकड़ में फैले इंदौर चिड़ियाघर में 1300 से अधिक वन्य प्राणी हैं। इनमें 9 शेर, 11 बाघ और 4 तेंदुए शामिल हैं। पिछले 11 महीनों में 10 शावकों का जन्म हुआ है। हिरण और सियार की संख्या 50 से अधिक हो चुकी है।

इसके अलावा, यहां स्नेक हाउस और बर्ड हाउस भी बनाया गया है, जो पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। बर्ड हाउस में 40 से अधिक प्रजातियों के पक्षी मौजूद हैं, जिनमें ग्रीन विंग मकाऊ, ब्लू एंड गोल्ड मकाऊ, उड़ने वाली गिलहरी, ग्लाइडर और अन्य दुर्लभ पक्षी शामिल हैं।

एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत अब तक 80 से अधिक प्रजातियों के 245 विदेशी पक्षी और जानवर लाए गए हैं, जिनमें सांप, मकाऊ, इगुआना, कछुए, पाकेट मंकी और फिंच शामिल हैं।

इंदौर जू का प्रवेश शुल्क

  • भारतीय नागरिकों के लिए प्रवेश शुल्क 20 रुपए रखा गया है।
  • विदेशी पर्यटकों के लिए प्रवेश शुल्क 100 रुपए निर्धारित किया गया है।
  • स्टिल कैमरा और पॉइंट-एंड-शूट कैमरे से फोटो खींचने के लिए 50 रुपए शुल्क लिया जाएगा।
  • डीएसएलआर कैमरे से फोटो लेने के लिए 100 रुपए चुकाने होंगे।

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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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