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अब तक 6 आरोपी, राहुल गुर्जर, बंटी गुर्जर, भूरा और मोनू गुर्जर, भोला और धम्मू उर्फ धर्मवीर गिरफ्तार हो चुके हैं।
ग्वालियर के शिवाय अपहरण कांड में पुलिस ने छठे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। अब केवल एक आरोपी फरार है। पकड़ा गया बदमाश मुरैना और ग्वालियर, दोनों ही अपहरण कांड में शामिल था। मुरैना में पकड़े गए आरोपियों को जल्द ही पूछताछ के लिए लाया जाएगा।
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मुरैना पुलिस के सामने बदमाशों ने खुलासा किया था कि लोकसभा चुनाव के दौरान शिवाय के मौसा की कार से 41 लाख रुपए बरामद हुए थे। इसके बाद आरोपियों के मन में लालच आ गया कि, इस परिवार के अन्य रिश्तेदारों के पास भी बड़ी रकम हो सकती है। उन्होंने सोचा कि अगर किसी बच्चे का अपहरण किया जाए, तो एक करोड़ रुपए तक की फिरौती मिल सकती है।
इसके बाद आरोपियों ने शिवाय के अपहरण की योजना बनानी शुरू की। मास्टरमाइंड ने बच्चे को अगवा करने वाले बाइक सवार राहुल गुर्जर और भोला से 10 लाख रुपए सौदा किया था, जिसमें उन्हें शिवाय को मुरैना तक पहुंचाना था। इसके बाद आरोपी बच्चे को बंधक बनाकर एक करोड़ रुपए की फिरौती मांगने वाले थे। इस पूरे षड्यंत्र का खुलासा मुरैना पुलिस के सामने हो चुका है।

मुरैना में शॉर्ट एनकाउंटर में राहुल गुर्जर व बंटी गुर्जर पकड़े गए थे।
यहां से आया था अपहरण का प्लान
इस गैंग ने एक साल पहले शिवाय के ममेरे भाई के अपहरण की असफल कोशिश की थी। चूंकि वे पकड़े नहीं गए और उनकी पहचान भी उजागर नहीं हुई, इसलिए उनमें हिम्मत बढ़ गई। मई में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान, जब शक्कर कारोबारी राहुल गुप्ता के साढ़ू लवलेश की कार से 41 लाख रुपए बरामद हुए, तभी उनके मन में यह विचार आया कि शिवाय के नाना अरुण बंसल के किसी दामाद के घर को टारगेट किया जाए। इसके बाद से ही शिवाय उनके निशाने पर आ गया। गैंग ने पूरी प्लानिंग के साथ रैकी की और आखिरकार अपहरण की वारदात को अंजाम दे दिया।

ऐसे पकड़ में आया छठा आरोपी धम्मू
रविवार को मुरार थाना प्रभारी मदन मोहन मालवीय को सूचना मिली कि 13 फरवरी को सीपी कॉलोनी से अगवा किए गए शिवाय अपहरण कांड में शामिल धम्मू उर्फ धर्मवीर मुरार इलाके में देखा गया है। सूचना मिलते ही मुरार पुलिस ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
पकड़े गए आरोपी से पूछताछ के लिए पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें जुट गई हैं। इससे पहले, मुरैना पुलिस ने माता बसैया इलाके में शॉर्ट एनकाउंटर के जरिए राहुल गुर्जर और बंटी को पकड़ा था। इसके बाद, ग्वालियर पुलिस ने वारदात के मास्टरमाइंड भूरा और मोनू को गिरफ्तार किया, इसके बाद तिघरा इलाके में शॉर्ट एनकाउंटर के दौरान भोला गुर्जर को भी पकड़ लिया गया। अब धम्मू के गिरफ्तार होने के बाद, इस मामले में सिर्फ एक आरोपी राहुल कंसाना की गिरफ्तारी बाकी है। उसे पकड़ने के लिए पुलिस की चार टीमें मुरैना और अन्य जिलों में लगातार दबिश दे रही है।

ग्वालियर में शॉर्ट एनकाउंटर में भोला पकड़ा गया। दूसरे तस्वीर में धम्मू है, जिसको रविवार को गिरफ्तार किया गया।
13 फरवरी को शिवाय का हुआ था अपहरण ग्वालियर के उपनगर मुरार सीपी कॉलोनी निवासी राहुल गुप्ता शक्कर कारोबारी हैं। राहुल का छोटा बेटा शिवाय (6 साल) लिटिल एंजिल स्कूल में UKG में पढ़ता है। रोज मां आरती गुप्ता उसे गली के कॉर्नर पर बस तक छोड़ने जाती थी। 13 फरवरी को वह 8.05 बजे घर से बेटे का हाथ पकड़कर गली के कॉर्नर के लिए निकली थी। आरती एक हाथ में शिवाय का स्कूल बैग, एक हाथ से उसे पकड़े हुए थी।
अभी वह बमुश्किल 150 फीट ही निकली थी और बस पॉइंट चंद कदमों की दूरी पर था, तभी अचानक पीछे से किसी ने उनके चेहरे पर हाथ फेरा। आरती को लगा कि कोई मजाक कर रहा है। वह कौन है, कौन है कहती रहीं और पीछे से एक नकाबपोश ने उनके चेहरे पर मिर्च पाउडर डाल दिया। इसके बाद बदमाश धक्का देकर उनके मासूम बेटे को छीन ले गया। बदमाश के धक्के से आरती सड़क पर गिरकर घायल हो गई थीं। जब तक उठ पातीं बदमाश उनके बेटे को लेकर भाग चुके थे। 14 घंटे बाद बदमाश बच्चे को मुरैना के काजीबसई गांव में छोड़कर भाग गए।

दो दिन पहले शिवाय से मिलने केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पहुंचे थे।
अपहरण के 14 घंटे बाद मिला था शक्कर कारोबारी का बेटा शिवाय
शिवाय का 13 फरवरी की सुबह करीब 8 बजे अपहरण हो गया था। वह करीब 14 घंटे बाद रात करीब 10 बजे मिला। बदमाश उसे मुरैना में बंशीपुर के कांजी बसई गांव में ईंट भट्टे के पास छोड़कर भाग गए थे।
एसएसपी ग्वालियर धर्मवीर सिंह ने बताया
इस मामले में रविवार को 6वां आरोपी को भी पकड़ लिया है। फिलहाल सभी से पूछताछ की जा रही है। पूरी प्लानिंग और रैकी कर यह अपराध किया गया था।

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