Home अजब गजब कभी दुकान-दुकान जाकर लगाते थे बारकोड, आज बने करोड़ों की कंपनी के...

कभी दुकान-दुकान जाकर लगाते थे बारकोड, आज बने करोड़ों की कंपनी के मालिक, गजब है इस बिजनेसमैन की कहानी!

55
0

[ad_1]

Agency:News18 Rajasthan

Google search engine

Last Updated:

बीकानेर में जन्मे मेहुल का जीवन आसान नहीं था. पिता कृती कुमार पुरोहित के निधन के बाद उनकी मां मधु पुरोहित ने परिवार को संभाला. छोटे-छोटे काम करके उन्होंने मेहुल और उनके भाई को पढ़ाया-लिखाया. मेहुल पुरोहित आज एक…और पढ़ें

X

मेहुल

मेहुल पुरोहित 

हाइलाइट्स

  • मेहुल पुरोहित ने डिजिटल ब्रांडिंग में शोहरत पाई.
  • 2022 में Youngest Entrepreneur of Asia बने.
  • मेहुल की कंपनी एशिया की टॉप तीन कंपनियों में शामिल.

जयपुर:- राजस्थान के छोटे शहर बीकानेर के मेहुल पुरोहित आज एक बड़ा नाम बन चुके हैं. बीकानेर से निकलकर मेहुल पुरोहित ने डिजिटल ब्रांडिंग और इन्फ्लूएंसर मैनेजमेंट की दुनिया में बड़ी शोहरत हासिल कर ली है. अपनी मेहनत और जुनून के साथ वो आज इस मुकाम पर पहुंचे हैं. मेहुल पुरोहित को हाल ही में Economic Times Young Industry Leaders Award में Emerging Entrepreneur & Excellence in Marketing & Branding के लिए सम्मानित किया गया. बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद ने खुद अपने हाथों से ये अवॉर्ड मेहुल पुरोहित को दिया.

2022 में मिला एशिया का खिताब
2022 में मेहुल को Youngest Entrepreneur of Asia का खिताब मिला, जिसने उनकी प्रतिभा और मेहनत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई. यह उपलब्धि मेहुल की कड़ी मेहनत और उनकी टीम के समर्पण का प्रमाण है. मेहुल के बड़े भाई देवेंद्र पुरोहित उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर मल्टीफेज डिजिटल को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में जुटे हैं. मेहुल कहते हैं कि मेरे भाई देवेंद्र मेरी बैकबोन की तरह हैं. वह हर कदम पर मेरे साथ खड़े रहते हैं और हर चुनौती में मुझे मार्गदर्शन देते हैं. उनकी छाया हमेशा मेरे साथ रहती है.

बचपन में उठा पिता का साया
8 फरवरी 2001 को बीकानेर में जन्मे मेहुल का जीवन आसान नहीं था. पिता कृती कुमार पुरोहित के निधन के बाद उनकी मां मधु पुरोहित ने परिवार को संभाला. छोटे-छोटे काम करके उन्होंने मेहुल और उनके भाई को पढ़ाया-लिखाया. मेहुल अपनी मां को अपनी प्रेरणा मानते हैं और कहते हैं कि जब भी मैं असफल होता था, मां एक मेंटर की तरह मुझे संभालती थी. आज भी वह मुझे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं.

मेहुल का कहना है कि वो जब छोटे थे, तो घर का गुजारा करने के लिए उन्होंने दुकान-दुकान जाकर बारकोड लगाने का काम किया है. मेहुल ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा रमेश इंग्लिश स्कूल से की और फिर प्लैनेट ऑफ कॉमर्स से हाई स्कूल की पढ़ाई पूरी की. उन्होंने 2021-23 के बीच महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर से ग्रेजुएशन किया. 11वीं क्लास में ग्राफिक डिजाइनिंग सीखने के बाद उन्होंने फ्रीलांसिंग से अपने करियर की शुरुआत की.

ये भी पढ़ें:- सरकारी नौकरी की कर रहे हैं तैयारी, तो सरकार की इस योजना के बारे में जान लें, 10 फरवरी तक कर सकेंगे आवेदन

4 साल में बने करोड़ों के मालिक
2021 में मेहुल ने मल्टीफेज डिजिटल की स्थापना की. यह कंपनी डिजिटल ब्रांडिंग, इन्फ्लूएंसर मैनेजमेंट और ब्रांड कैंपेन में विशेषज्ञ है. उनकी मेहनत और क्रिएटिव अप्रोच ने उन्हें बड़े-बड़े ब्रांड्स और सेलिब्रिटीज का भरोसेमंद पार्टनर बना दिया है. मेहुल पुरोहित की कहानी हर उस युवा के लिए प्रेरणा है, जो बड़े सपने देखता है. संघर्षों से भरे सफर के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से सफलता हासिल की. उनकी यह यात्रा यह साबित करती है, कि छोटे शहरों से भी बड़े सपने साकार हो सकते हैं.

homebusiness

गजब है इस बिजनेसमैन की कहानी! बारकोड लगाते-लगाते बने करोड़ों की कंपनी के मालिक

[ad_2]

Source link

Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
Google search engine

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here