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कहा भी गया है कि जब मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो राह अपने आप बन जाती है. रीवा में शंकर बंसल ने भी कुछ ऐसा ही कर अपनी नई राह तलाशी. पुरातत्व विभाग में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी से निकाले गए शंकर बंसल ने अपनी राह अपनी मेहनत से खुद बना ली. शंकर ने अपने पुस्तैनी काम को अपना कर खुद का रोजगार स्थापित किया. वह अब बांस की झाडू बनाकर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं. शंकर रीवा में एकमात्र ऐसे व्यक्ति हैं, जिनके हाथों में बांस की झाडू बनाने की कला है. उनकी बनाई हुई झाडू की बहुत डिमांड है. (रिपोर्टः वंदना/ रीवा)
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