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Traffic rules taught to school students | स्कूली छात्रों को पढ़ाया ट्रैफिक रूल्स का पाठ: ट्रैफिक पुलिस ने शांति पब्लिक स्कूल में आयोजित किया जागरूकता अभियान – Guna News

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ट्रैफिक पुलिस द्वारा शहर के शांति पब्लिक स्कूल में यातायात जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस अधिकारियों ने बच्चों को यातायात नियमों एवं सड़क सुरक्षा का पाठ पढ़ाया।

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SP संजीव कुमार सिंहा के दिशा निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मानसिंह ठाकुर के मार्गदर्शन में यातायात प्रभारी निरीक्षक अजयप्रताप सिंह कुशवाह द्वारा अपनी यातायात टीम के साथ शहर के शांति पब्लिक स्कूल में यातायात जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर छात्र-छात्राओं व स्‍कूल स्‍टॉफ को यातायात नियमों का पाठ पढ़ाया गया। शांति पब्लिक स्‍कूल में आयोजित यातायात जागरूकता कार्यक्रम में यातायात प्रभारी निरीक्षक अजयप्रताप सिंह कुशवाह द्वारा उपस्थित लगभग 1000-1200 छात्र-छात्राओं एवं स्‍कूल स्‍टॉफ को ट्रैफि‍क रूल्स एवं रोड़ सेफ्टी अवेयरनेस विषय पर विस्तार से जानकारी देकर समझाया गया।

इस अवसर पर उनके द्वारा बताया गया कि सड़क पर हमेशा बांयी साईड ही चलें। जब भी सड़क पार करें, लेफ्ट-राइट दोनों तरफ अच्छे से देखने के बाद ही सड़क क्रॉस करें और अगर आप चौराहे पर हैं तो उपलब्धता अनुसार जेब्रा क्रॉसिंग से जाएं। आपके घर परिवार में जब भी आपके पेरेंट्स या कोई रिश्तेदार दोपहिया वाहन चलाएँ तो उनको बताएं कि ड्राइव करने से पहले हेलमेट जरूर पहन कर जायें, क्योंकि सड़क दुर्घटना की स्थिति में हेलमेट हमारी जान बचाता है। दोपहिया वाहन पर तीन सवारी कभी न बैठें। यह खतरनाक हो सकता है अथवा दुर्घटना का कारण बनता है। चार पहिया वाहन में जब भी बैठें, तब सीट बेल्ट जरूर बाँधना चाहिए, क्योंकि एक्सीडेंट होने पर सीट बेल्ट हमको बचाता है। इससे गाड़ी के एयरबैग्स भी खुलते हैं यदि सीट बेल्ट नहीं बाँधा है तो एयरबैग्स नहीं खुलेंगे।

अधिकारियों ने छात्रों को बताया कि गाड़ी कभी भी तेज रफ्तार में नहीं चलाना चाहिए। यदि आपके पेरेन्ट्स या रिलेटिव्स या ऑटो रिक्शा या बस वाले भैया गाड़ी तेज चलाते हैं तो उनको बोलो गाड़ी धीरे चलाओ और अगर न माने तो अपने टीचर्स व पेरेंट्स को बताना है। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन पर कभी बात नहीं करना चाहिए ऐसा करने से हमारा ध्यान भटक जाता है और सड़क दुर्घटना हो जाती है। सड़क पर यात्रा करते समय यदि आपको कभी कोई रोड एक्सीडेंट में पीड़ित व्यक्ति मिलता है तो उनकी मदद अवश्य करना चाहिए। कम से कम 100 नंबर या 108 नंबर पर फोन लगाना चाहिए, जिससे एक्सीडेंट में घायल व्यक्ति को तत्काल मदद मिलने से उसकी जान बच सकती है। ऐसा करने पर शासन और पुलिस विभाग द्वारा आपको एक अच्छे नागरिक के तौर पर सम्मानित करने की योजना भी चलाई जा रही है।

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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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