Home मध्यप्रदेश The daughter suffered from pain for 8 months and cried daily |...

The daughter suffered from pain for 8 months and cried daily | 8 महीने बेटी दर्द से तड़पती रही, रोज रोता था: पिता का आरोप- ससुरालवालों के एसिड पिलाने से आहार नली तक जली, VIDEO में खुद बताई थी पीड़ा – Ashoknagar News

80
0

[ad_1]

मैं पूरे होशो-हवास में लिख रही हूं, मेरा ऑपरेशन होना है। अगर ऑपरेशन के दौरान मुझे कुछ भी होता है, या मेरी जान जाती है तो इसके जिम्मेदार मेरे ससुरालवाले होंगे। इन लोगों ने मुझे बहुत परेशान किया है। इन लोगों ने मुझे मारने की भी बहुत कोशिश की।

Google search engine

.

5 महीने से खाने के लिए नहीं दिया। मेरे पापा खाने का सामान रख कर जाते थे। ससुरालवाले हर महीने ₹50000 मांगते थे। नहीं देने पर घर में कैद रखते। पति मुझे बेचने की बात कहता है। मेरे जाने के बाद ससुरालवालों को कड़ी से कड़ी सजा मिले।

यह दर्द अशोकनगर की पीड़िता का है, जिसकी 5 जुलाई को भोपाल के हमीदिया हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई। उसे बचाने के लिए डॉक्टरों ने दो ऑपरेशन किए, लेकिन एसिड पीने से उसकी आहार नाल डैमेज हो गई थी। पहले ऑपरेशन के दौरान उसने यह नोट लिखा था।

पीड़िता के पिता का आरोप है कि 8 महीने पहले ससुरालवालों ने बेटी को दहेज की डिमांड करते हुए खूब पीटा, फिर एसिड पिला दिया। मरने के पहले उसने अस्पताल में एक नोट और दो वीडियो बनाए, जिसमें मौत के लिए ससुरालवालों को जिम्मेदार ठहराया।

दैनिक भास्कर ने पीड़िता के परिवार, डॉक्टर और पुलिस से बात कर पूरे मामले को जाना…

दो ऑपरेशन होने के बाद भी किरण को बचाया नहीं जा सका। उसकी आहार नाल डैमेज हो गई थी।

दो ऑपरेशन होने के बाद भी किरण को बचाया नहीं जा सका। उसकी आहार नाल डैमेज हो गई थी।

बेटी शादी शहर में पक्की हुई तो बहुत खुश थे

किरण के पिता परमानंद शर्मा ने बताया, मेरे चार बच्चों में किरण तीसरे नंबर की थी। हम गांव में रहते हैं। बेटी किरण का रिश्ता बांसापुर के छैघरा के रहने वाले विनोद पाठक से जुड़ा तो पूरा परिवार बहुत खुश हुआ, क्योंकि बेटी गांव से निकलकर शहर में रहने जा रही थी।

डेढ़ साल पहले बहुत ही धूमधाम से बेटी का ब्याह किया। हैसियत से बढ़कर शादी की और दहेज में सारा सामान दिया। दो-तीन महीने तो सबकुछ अच्छा रहा। बेटी भी काफी खुश थी। धीरे-धीरे परिवार का बर्ताव बदलने लगा। वे दहेज की मांग करने लगे। हमने उनकी छोटी मोटी मांगों को पूरा भी किया। उनसे बात की, अपनी हैसियत भी बताई। हमें लगा कि वे समझेंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

दामाद की डिमांड तो लगातार बढ़ती जा रही थी। कभी रुपए तो कभी गहनों की मांग करने लगा। एक बार तो सोने की चेन के लिए बेटी से मारपीट की। बेटी हमें सब कुछ बताती थी। हमें लगता था कि कुछ करेंगे तो उसकी जिंदगी बर्बाद हो जाएगी। उसके ससुरालवाले हमारी इसी कमजोरी का फायदा उठा रहे थे।

किरण शर्मा की शादी डेढ़ साल पहले छैघरा के रहने वाले विनोद पाठक से हुई थी। विनोद पर दहेज के लिए परेशान करने के आरोप लगे हैं।

किरण शर्मा की शादी डेढ़ साल पहले छैघरा के रहने वाले विनोद पाठक से हुई थी। विनोद पर दहेज के लिए परेशान करने के आरोप लगे हैं।

उसे दर्द से तड़पता देख रोना आ जाता था

किरण के पिता ने कहा, 8 महीने पहले की बात है। बेटी परेशान होकर मायके आ गई थी। तब दामाद ने फोन कर कहा कि 50 हजार रुपए लेकर लौटा आओ। जैसे-तैसे व्यवस्था करके हमने बेटी को पैसों के साथ भेज दिया। इसके दूसरे दिन उसके ससुराल से फोन आया कि तुम्हारी बेटी ने एसिड पी लिया है। वह अस्पताल में है।

मैं अस्पताल पहुंचा तो वहां बेटी की हालत गंभीर थी। डॉक्टरों ने उसे भोपाल रेफर कर दिया। उसका पति और सास-ससुर कुछ देर अस्पताल में रुके, फिर लौटकर नहीं आए। उसे मैं हमीदिया अस्पताल लाया। रास्ते में बेटी ने मेरा हाथ पकड़कर कहा- पति ने मुझे पकड़ा और सास ने एसिड पिलाया। उन्होंने खाने तक को तरसा दिया था। कई दिनों से भरपेट खाना नहीं खाया।

बेटी अस्पताल में दर्द से तड़पता देख मैं रोज रोता था। पिछले 8 महीने से उसे हर दिन ऐसे ही देख रहा था। उसके सकुशल होने की रोज प्रार्थना करता था। बीच में बेटी की हालत में थोड़ा सुधार आया तो पति देखने तक नहीं आया। वह उसे रखना नहीं चाहता था।

डॉक्टरों का कहना था कि बेटी के शरीर के भीतरी अंग बुरी तरह से जल चुके थे। दो बार ऑपरेशन हुआ, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।

दिसंबर 2023 में भी गंभीर हालत में भर्ती कराया था

एसपी विनीत कुमार जैन ने बताया, छैघरा कॉलोनी की रहने वाली किरण शर्मा (28) की मौत हुई है। मार्च 2023 में उसकी शादी विनोद पाठक से हुई थी। 23 दिसंबर में हमीदिया अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती करवाया गया था। हालत में सुधार हाेने पर परिजन उसे घर ले गए थे। हालांकि कुछ दिन बाद फिर किरण को भर्ती करवाना पड़ा। तब घरवालों ने किसी प्रकार से पुलिस से संपर्क नहीं किया था।

किरण का पहला ऑपरेशन 11 जून को हुआ। करीब 20 दिन पहले 28 जून को उसका दूसरा ऑपरेशन हुआ था। हालांकि दो ऑपरेशन होने के बाद भी उसे बचाया नहीं जा सका। 5 जुलाई शुक्रवार को उसकी हमीदिया अस्पताल में मौत हो गई।

50 हजार रुपए चोरी का आरोप लगाया

पिता ने बताया कि एसिड पिलाने से पहले उन लोगों ने बेटी पर ₹50 हजार रुपए चोरी करने का आरोप लगाया था। उन्होंने उस दिन उसे बहुत पीटा था। बेटी ने हमें ससुरालवालों के द्वारा दहेज मांगने और मारपीट करने की बात कई बार उसने बताई, हमें तब कार्रवाई करवानी चाहिए थी।

पिता का कहना है कि बेटी ने ऑपरेशन के पहले यह नोट लिखा था, जिसमें उसने प्रताड़ना की बात लिखी थी।

पिता का कहना है कि बेटी ने ऑपरेशन के पहले यह नोट लिखा था, जिसमें उसने प्रताड़ना की बात लिखी थी।

अस्पताल में ही 28 और 47 सेकंड का वीडियो बनाया

पिता ने बताया कि बेटी जब अस्पताल में भर्ती थी, तब उसने कागज में अपनी पीड़ा लिखी थी। उसने दो वीडियो भी बनाए थे। 28 और 47 सेकंड के वीडियो में वह कह रही है कि मैं पूरे होश-हवास में कह रही हूं। मेरे दो ऑपरेशन हो गए हैं। मेरे ससुराल वाले मुझे छोड़ कर चले गए। अगर मुझे कुछ होता है तो इसके जिम्मेदार मेरे ससुराल वाले होंगे। इन सब को कड़ी से कड़ी सजा मिले।

पिता का कहना है कि पति और उसके परिवारवाले बेटी से हर महीने 50 हजार रुपए लेकर आने का कहते थे।

पिता का कहना है कि पति और उसके परिवारवाले बेटी से हर महीने 50 हजार रुपए लेकर आने का कहते थे।

पेट के ऑर्गन डैमेज हुए

डॉक्टर जयकृत सिंह राजपूत ने बताया कि एसिड विक्टिम की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। महिला के पेट के ऑर्गन पूरी तरह से डैमेज हो गए थे। मौत की स्पष्ट कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा।

[ad_2]

Source link

Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
Google search engine

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here