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Mohan’s lead decreased in the areas of 12 ministers | मोहन के 12 मंत्रियों के क्षेत्र में लीड घटी: 30 में से 4 के क्षेत्र में भाजपा को 50 हजार से ज्यादा की लीड, टॉप पर कैलाश – Madhya Pradesh News

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एमपी में बीजेपी ने भले ही क्लीन स्वीप किया है, लेकिन मोहन सरकार के 30 मंत्रियों में से केवल 18 मंत्रियों के विधानसभा क्षेत्र से लोकसभा उम्मीदवारों को लीड मिली है। जबकि 12 मंत्रियों के क्षेत्र में लीड कम हुई। इनमें से 2 मंत्री बॉउंड्री पर हैं।

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इन मंत्रियों के क्षेत्र से बीजेपी उम्मीदवार को मिला वोट, विधानसभा चुनाव की तुलना में कम रहा है। यानी विधानसभा चुनाव में मंत्रियों की जीत का जो अंतर था। लोकसभा में बीजेपी उम्मीदवार को उतने वोट भी नहीं मिले।

लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने पिछले चुनाव के मुकाबले 10 फीसदी ज्यादा वोट प्रतिशत हासिल करने का टारगेट तय किया था। बीजेपी केवल 1.27 फीसदी ज्यादा यानी 59.27 फीसदी वोट प्रतिशत हासिल कर पाई।

2019 के चुनाव में बीजेपी का वोट प्रतिशत 58 फीसदी था। जानिए किस मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में कैसा रहा बीजेपी उम्मीदवारों का प्रदर्शन

4 मंत्री जिनके क्षेत्र में 50 हजार से ज्यादा वोट मिले

विधानसभा की तुलना में लोकसभा चुनाव में लीड के मामले नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अव्वल हैं। उनके विधानसभा क्षेत्र इंदौर-1 से भाजपा प्रत्याशी को 1 लाख 22 हजार से ज्यादा वोट मिले हैं। हालांकि इस लोकसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार चुनाव मैदान में नहीं था।

दूसरे नंबर पर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति गोविंद सिंह राजपूत रहे। उनके क्षेत्र सुरखी में भाजपा उम्मीदवार लता वानखेड़े को 80 हजार से ज्यादा की लीड मिली है। तीसरे नंबर पर जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट हैं। उनके सांवेर क्षेत्र से विधानसभा की तुलना में 79 हजार ज्यादा वोट भाजपा उम्मीदवार शंकर लालवानी को मिले।

जबकि राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा के क्षेत्र इछावर में विधानसभा की तुलना में लोकसभा चुनाव में भाजपा को 77 हजार वोट ज्यादा मिले हैं।

25 से 50 हजार की लीड वाले 5 में से 3 राज्यमंत्री

5 मंत्री ऐसे हैं, जिनके क्षेत्र में विधानसभा की तुलना में इस बार 25 से 50 हजार तक भाजपा उम्मीदवारों को ज्यादा लीड मिली है। इनमें तीन राज्य मंत्री हैं। PWD मंत्री राकेश सिंह के विधानसभा क्षेत्र जबलपुर पश्चिम में विधानसभा चुनाव की तुलना में 49878 वोट ज्यादा मिले।

जबकि वन एवं पर्यावरण मंत्री नागर सिंह चौहान के क्षेत्र में विधानसभा की तुलना में लोकसभा प्रत्याशी को 47 हजार से ज्यादा वोट मिले। यहां से उनकी पत्नी अनिता सिंह चौहान चुनाव जीती हैं।

पशुपालन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल मार्जिन के मामले में तीसरे नंबर पर रहे। उनके क्षेत्र पथरिया में विधानसभा में मिले वोटों से लोकसभा उम्मीदवार राहुल सिंह लोधी को 36 हजार ज्यादा वोट मिले हैं तो संस्कृति, पर्यटन एवं धार्मिक न्यास मंत्री(स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद सिंह लोधी के क्षेत्र जबेरा में 32 हजार ज्यादा वोट मिले हैं।

वहीं पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री(स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर के क्षेत्र गोविंदपुरा से आलोक शर्मा को विधानसभा की तुलना में 30 हजार से अधिक वोट मिले।

9 मंत्रियों के क्षेत्र में 25 हजार तक की लीड इनमें से 7 कैबिनेट मंत्री

लोकसभा चुनाव में भाजपा को विधानसभा की तुलना में 9 मंत्रियों के क्षेत्र में 25 हजार तक की लीड मिली है। इनमें से 7 मंत्री प्रहलाद पटेल, विश्वास सारंग, संपतिया उईके, निर्मला भूरिया, नारायण सिंह कुशवाह, राजेंद्र शुक्ला और प्रद्युम्न सिंह तोमर कैबिनेट मंत्री हैं। संपतिया उईके के मंडला क्षेत्र से 21 हजार और प्रद्युम्न सिंह तोमर के क्षेत्र ग्वालियर से 6 हजार वोट ज्यादा मिले।

12 मंत्रियों के क्षेत्र में लीड घटी, विजय शाह के यहां 40 हजार वोट कम मिले

डॉ. मोहन यादव मंत्रिमंडल के 12 सदस्य ऐसे हैं, जिनके क्षेत्र में विधानसभा की तुलना में लोकसभा उम्मीदवार को 1 हजार से 40 हजार तक कम वोट मिले हैं। इसमें इस सूची में जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह टॉप पर हैं। उनके क्षेत्र में लोकसभा उम्मीदवार को 40 हजार 446 वोट कम मिले। जबकि कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना के क्षेत्र सुमावली में भाजपा उम्मीदवार को विधानसभा की तुलना में महज 113 वोट कम मिले।

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डॉ. मोहन यादव: 49 हजार वोट ज्यादा मिले

मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के विधानसभा क्षेत्र उज्जैन दक्षिण में भाजपा उम्मीदवार अनिल फिरोजिया को 2023 के मुकाबले 2024 में 49 हजार 535 वोट ज्यादा मिले। विधानसभा चुनाव में डॉ. यादव को 95699 वोट मिले थे और जीत का मार्जिन 12 हजार 941 रहा। लेकिन उनके क्षेत्र से फिरोजिया को 1 लाख 20 हजार 192 वोट मिले और लीड 62 हजार 476 वोटों की है।

नरेंद्र सिंह तोमर: 8 हजार वोट कम हो गए

विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के विधानसभा क्षेत्र दिमनी से मुरैना लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार शिव मंगल सिंह को 2023 के चुनाव की तुलना में 8 हजार 413 वोट कम मिले हैं। विधानसभा चुनाव में तोमर ने 24 हजार 461 वोट से जीत दर्ज की थी। लेकिन, शिव मंगल सिंह को यहां 16 हजार 48 वोट की लीड मिली है।

शाह के वोट फॉर्मूले में 30 में से 15 मंत्री हुए थे पास

गृहमंत्री अमित शाह ने चुनाव के दौरान मंत्री और विधायकों को अपनी अपनी सीटों पर वोटिंग पर्सेंट बढ़ाने की हिदायत दी थी। चुनाव खत्म होने के बाद भास्कर ने जब सरकार के 30 मंत्रियों के क्षेत्र की पड़ताल की तो पाया कि शाह के वोटिंग टेस्ट में मप्र के 30 में से 9 मंत्री खरे नहीं उतरे थे।

इन मंत्रियों की विधानसभा सीटों पर संसदीय क्षेत्र के औसत से कम मतदान हुआ था। जबकि, 6 मंत्री बाउंड्री लाइन पर थे। इनकी विधानसभा सीट पर वोटिंग में मामूली कमी दर्ज की गई थी। वहीं 15 मंत्रियों का इस चुनाव में अच्छा परफॉर्मेंस रहा था।

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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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