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जैतपुर विधानसभा क्षेत्र में किसानों का आंदोलन शुरू हो चुका है। यह प्रदर्शन SECL सोहागपुर के खैरहा भूमिगत खदान के विरोध में किया जा रहा है। जिसमें खैरहा और खन्नाथ ग्राम पंचायत के किसान पूरी तरह से डटे हुए हैं। वहीं इनके समर्थन में ग्राम पंचायत छिरहटी, सिरौंजा और धमनी कला के ग्रामीण भी धरना प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं।
जैतपुर विधानसभा क्षेत्र में हो रहे इस विरोध प्रदर्शन में सबसे ज्यादा नुकसान BJP को उठाना पड़ रहा है। प्रभावित किसानों ने बताया कि खैरहा भूमिगत खदान अंतर्गत SECL द्वारा वर्ष 2017 में कुल 1155 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया है। जिसमें ग्राम पंचायत खैरहा की 507 और ग्राम पंचायत खन्नाथ की 477 एकड़ भूमि अधिगृहीत की गई है।
5 साल बीत जाने के बाद भी किसानों को मुआवजा और नौकरी नहीं मिल सकी है जिसके विरोध में किसान प्रदर्शन करेंगे। किसानों ने बताया कि कोई हल नहीं निकलने से 25 सितंबर को किसान खैरहा भूमिगत खदान का गेट बंद करेंगे।
भाजपा को होगा ज्यादा नुकसान
जैतपुर विधानसभा क्षेत्र में हो रहे इस आंदोलन का नुकसान आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा को सबसे ज्यादा उठाना पड़ेगा। खैरहा मंडल अंतर्गत इस क्षेत्र से ही पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा की उम्मीदवार रही Rमनीषा सिंह को जीत मिली थी। अब इसी क्षेत्र के किसानों के आंदोलन करने से भाजपा के सामने बड़ी समस्या होगी।
खैरहा गेट के सामने किसान दे रहे धरना
खैरहा और खन्नाथ के प्रभावित किसान खैरहा गेट के सामने धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि अभी शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है जब जिला प्रशासन और कालरी प्रबंधन की ओर से किसानों के हित में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाएगा तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
बिलासपुर में लंबित है फाइल
किसानों ने बताया कि प्रभावित किसानों के मुआवजा की फाइल एसईसीएल के बिलासपुर हेडक्वार्टर में लंबित है। किसानों की मांग है कि समय रहते यदि उनके मुआवजा का भुगतान कर दिया जाएगा तो किसान कोई प्रदर्शन नहीं करेंगे। SECL की ओर से किसानों को समय पर समय दिया जा रहा है जिस कारण किसान अब उग्र हो चुके हैं।

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