छतरपुर। छतरपुर जिले के नौगांव क्षेत्र को शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक सौगात मिलने जा रही है। शनिवार, 16 मई को अपने क्षेत्रीय प्रवास के दौरान केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने नौगांव पॉलिटेक्निक कैंपस का विशेष निरीक्षण किया, जहां आगामी 15 जून 2026 से अस्थाई तौर पर केंद्रीय विद्यालय का संचालन शुरू होने जा रहा है। शुरुआत में इस विद्यालय में कक्षा 1 से लेकर 5वीं तक के विद्यार्थियों को भारत सरकार के शिक्षा विभाग की ओर से उच्च स्तरीय शिक्षा का लाभ मिलेगा।
कैंपस का बारीकी से मुआयना करते हुए केंद्रीय मंत्री ने मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देशित किया कि अगले 15 दिनों के भीतर भवन की साफ-सफाई, पुताई, बिजली फिटिंग और पेयजल जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं हर हाल में दुरुस्त कर ली जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि 1 जून से केंद्रीय विद्यालय के कड़े नियमों के तहत छात्र-छात्राओं की प्रवेश प्रक्रिया अनिवार्य रूप से प्रारंभ हो जानी चाहिए, ताकि 15 जून से बच्चों की नियमित कक्षाएं सुचारू रूप से शुरू की जा सकें। क्षेत्रवासियों को आश्वस्त करते हुए उन्होंने कहा कि लोकसभा क्षेत्र के विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का हमेशा अद्भुत सहयोग रहा है, और यह विद्यालय आने वाली पीढ़ी के भविष्य को संवारने में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने यह भी साझा किया कि वर्तमान में यह व्यवस्था अस्थाई है, लेकिन विद्यालय के लिए भूमि आवंटित की जा चुकी है और जल्द ही इसके भव्य नवीन भवन का निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया जाएगा।
इस दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री का एक बेहद सादगीपूर्ण और अनुकरणीय रूप भी देखने को मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘राष्ट्रहित में ईंधन बचत’ के आह्वान को धरातल पर उतारते हुए मंत्री जी ने अपने आधिकारिक वीआईपी वाहनों के काफिले को पूरी तरह बंद कर दिया। उन्होंने खजुराहो से नौगांव तक का सफर ट्रेन, बस और ई-रिक्शा जैसे सार्वजनिक व पर्यावरण अनुकूल माध्यमों से तय कर समाज को एक बड़ा संदेश दिया। उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि वे देशहित और पर्यावरण की रक्षा के लिए पेट्रोल-डीजल की खपत को कम करें।
इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया, डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी डीईओ कौशल सिंह, तहसीलदार रमेश कोल, नौगांव नगरपालिका अध्यक्ष अनूप तिवारी, सीएमओ आर.एस. अवस्थी, केंद्रीय विद्यालय के प्राचार्य डॉ. मनीष रूसिया, पुष्पेंद्र प्रताप सिंह और संतोष गंगेले सहित भारी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रबुद्ध नागरिक और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।










