छतरपुर | छतरपुर जिले में वर्षों से लंबित जमीनी विवादों के निपटारे के लिए प्रशासन ने एक अनूठी और प्रभावी पहल की है। कलेक्टर पार्थ जायसवाल एवं पुलिस अधीक्षक अगम जैन के दूरदर्शी नेतृत्व में जिले के समस्त थाना क्षेत्रों में संयुक्त समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य थानों और कचहरी के चक्कर काट रहे आम जन को मौके पर ही न्याय दिलाना है।
थाना ओरछा रोड में हुआ ‘त्रिवेणी’ संगम
इसी कड़ी में छतरपुर मुख्यालय के तीन प्रमुख थाना क्षेत्रों— कोतवाली, सिविल लाइन और ओरछा रोड के प्रकरणों के लिए ओरछा रोड थाने में एक विशाल शिविर लगाया गया। यहाँ नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) अरुण कुमार सोनी और एसडीएम अखिल राठौर की उपस्थिति में राजस्व और पुलिस के अधिकारियों ने एक साथ बैठकर जनता की समस्याएं सुनीं।
एक ही दिन में 50 से अधिक प्रकरणों की सुनवाई
शिविर में पहुँचने वाले फरियादियों की संख्या प्रशासन की सफलता की गवाही दे रही थी। संयुक्त दल ने 200 से अधिक व्यक्तियों की उपस्थिति में लगभग 50 से अधिक गंभीर प्रकरणों पर विस्तार से चर्चा की।
प्रमुख समस्याएं:
कृषि भूमि पर कब्जा, प्लॉट संबंधी विवाद, आपसी बंटवारे और सीमांकन।
मौके पर मौजूद तहसीलदार पीयूष दीक्षित, नायब तहसीलदार और पटवारियों की टीम ने दस्तावेजों का मिलान कर कई पुराने विवादों को आपसी सहमति से मौके पर ही समाप्त करवाया।
विवाद खत्म, विश्वास शुरू
इस विशेष शिविर की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि जिन विवादों को लेकर पक्षकारों के बीच वर्षों से तनाव था, वे अधिकारियों की समझाइश और कानूनी स्पष्टता के बाद मुस्कुराते हुए घर लौटे। शेष बचे प्रकरणों के लिए एसडीएम ने समय-सीमा निर्धारित कर जल्द निराकरण के निर्देश दिए हैं।










