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4000 people live in dilapidated houses, an accident like Sagar should not happen… because notices are given in the name of maintenance | 4000 लोग जर्जर मकानों में, सागर जैसा हादसा न हो जाए… क्योंकि मेंटेनेंस के नाम पर नोटिस – Bhopal News

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सबसे ज्यादा 600 फ्लैट अकेले ऐशबाग में

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ऐशबाग में जनता क्वार्टर के 600 जर्जर मकान 38 साल पुराने हैं। हाउसिंग बोर्ड की ओर से बनाए गए इन मकानों में करीब 4000 लोग रहते हैं। मेंटनेंस के अभाव में बिल्डिंग पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं। छत्ते और खिड़कियों पर बनाए गए अधिकांश ओटले झड़ गए हैं। सीढिय़ां चढ़ने पर पूरे स्ट्रक्चर में कंपन होता है। ऐसे में लगता है कि बिल्डिंग अभी गिर जाएगी। लेकिन, नगर निगम की ओर से यहां कार्रवाई के नाम पर सिर्फ नोटिस जारी किए जा रहे हैं।

यह एक ऐशबाग क्षेत्र की स्थिति नहीं है, बल्कि शहर में 1200 से ज्यादा मकान हैं। यह नगर निगम की जर्जर भवनों की सूची में शामिल हैं। कई तो 40-50 साल पुराने भी हैं। यह कभी भी गिरकर सागर जैसे गंभीर हादसे का रूप ले सकते हैं, जहां दीवार गिरने से नौ बच्चों की मौत हो गई थी।

पहले भी गिर चुके हैं शहर में जर्जर मकान

  • अगस्त 2019 : मारवाड़ी रोड स्थि​त 2 मंजिला इमारत गिरी, वाहन क्षतिग्रस्त हुए।
  • जुलाई 2020 : कर्फ्यू वाली माता मंदिर के पास स्थित नवाब की कोठी का हिस्सा गिरा।
  • अगस्त 2020 : सदर मंजिल का हिस्सा भरभरा कर ​गिर गया। 20 से ज्यादा वाहनों में टूट-फूट
  • जून 2022 : शाहपुरा में जर्जर मकान तोड़ने के दौरान गिर गया। मजदूर की हुई मौत।

रहवासी भी नहीं चाहते मकान तोड़े जाएं

जनता क्वार्टर के रहवासी भी नहीं चाहते कि उनके मकान तोड़े जाएं। यही वजह है कि पहले 2021 में और फिर 2022 में निगम का अमला कार्रवाई करने पहुंचा था। लेकिन रहवासियों के विरोध के चलते निगम को बिना कार्रवाई किए ही लौटना पड़ा।

250 मकान बेहद जर्जर-जर्जर मकान पुराने शहर में सबसे ज्यादा हैं। जहांगीराबाद, बुधवारा, इतवारा, सुल्तानिया रोड, हमीदिया रोड, पीर गेट, जुमेराती, चौक बाजार, इकबाल मैदान, इमामी गेट और बैरसिया रोड क्षेत्रों में जर्जर मकान ज्यादा हैं।

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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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