जिले की कुल छह विधानसभाओं में से चार पर भाजपा अपने उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। दो विधानसभाओं बिजावर और चंदला(आरक्षित) से अभी तक प्रत्याशी की घोषणा नहीं की गई है।
#पहली सूची में भाजपा ने छतरपुर से ललिता यादव और महाराजपुर से कामाख्या प्रताप सिंह(टीका राजा) की घोषणा की। दूसरी सूची में राजनगर से अरविंद पटैरिया और चौथी सूची में बड़ामलहरा से प्रद्युम्न सिंह लोधी को प्रत्याशी बनाया गया। इन चारों उम्मीदवारों का क्षेत्र में भाजपा के अंदर ही प्रबल विरोध हो रहा है। आंतरिक विरोध से इनकी सांसें फूली हुई हैं।
#छतरपुर से घोषित ललिता यादव के खिलाफ भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष पुष्पेन्द्र प्रताप सिंह(गुड्डू) तथा उनकी पूर्व नपाध्यक्ष पत्नी अर्चना सिंह के सैकड़ों समर्थक खुलकर विरोध कर रहे हैं। कई बार रैली निकालकर वह प्रदर्शन कर वह कड़ा विरोध जता चुके हैं।
#महाराजपुर से घोषित टीका राजा का तो और ज्यादा विरोध हो रहा है। भाजपा के दिग्गज क्षेत्रीय नेता आलाकमान को साफ चेतावनी दे चुके हैं कि टिकट बदला नहीं गया, तो वह सामूहिक रूप से भाजपा का विरोध कर प्रत्याशी को हरायेंगे। आक्रोशित भाजपाई उनका पुतला तक दहन कर चुके हैं।
#राजनगर विधान सभा सीट से भाजपा प्रदेशाध्यक्ष बीडी शर्मा के खास चहेते पूर्व पराजित अरविंद पटैरिया का टिकट घोषित होते ही भयंकर उबाल आ गया। पूर्व जिलाध्यक्ष घासीराम पटेल तो भाजपा छोड़कर बसपा से उम्मीदवार तक बन गए। जिलाध्यक्ष के सगे रिश्तेदार गोविंद सिंह(टुरया) ने भी भाजपा को अलविदा कर बसपा को अपने समर्थन का खुलकर इजहार कर दिया और अनेक प्रमुख भाजपाई घोषित प्रत्याशी के विरोध की कसमें खाये हुए हैं।
#इसी प्रकार बड़ामलहरा से प्रद्युम्न सिंह लोधी के प्रत्याशी घोषित होते ही भाजपा के अंदर विरोध शुरू हो गया। जिला पंचायत सदस्य करन सिंह लोधी खुलकर उनकी मुखालफत कर रहे हैं और भाजपा से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ने का उन्होंने ऐलान कर दिया है।
#अभी तक के राजनैतिक परिदृश्य में जबरदस्त आंतरिक विरोध के सामने भाजपा के घोषित उम्मीदवारों की नैया डगमगाती हुई नजर आ रही है। शांत पड़े आलाकमान और प्रदेश नेतृत्व की चुप्पी से अंतर्विरोध की आग की लपटें और तेज होती जा रही हैं।









