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मधुमक्खी पालन से इन महिलाओं की बदली किस्मत, सालाना लाखों में है कमाई, जानें कहां से मिला आइडिया

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Agency:News18 Bihar

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Aurangabad Beekeeping: औरंगाबाद की रहने वाली आरती अपने साथियों के साथ मिलकर मधुमक्खी पालन कर रही हैं. मधुमक्खी पालन के लिए एक बीघा में प्लांट भी लगाया है, जहां शहद की प्रोसेसिंग करती है. रोजाना 20 किलो शहद का उ…और पढ़ें

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आयुर्वेदिक

आयुर्वेदिक हनी के व्यवसाय

हाइलाइट्स

  • औरंगाबाद की महिलाएं मधुमक्खी पालन से सालाना लाखों कमा रही हैं.
  • रोजाना 20 किलो शहद का उत्पादन और बिक्री होती है.
  • मधुमक्खी पालन से हर माह एक लाख से अधिक की कमाई हो रही है.

औरंगाबाद. मधुमक्खी पालन किसानों के लिए हमेशा से फायदेमंद रहा है. बिहार में बड़ पैमाने पर मधुमक्खी पालन किया जा रहा है. औरंगाबाद भी इससं अछूता नहीं है. खास बात यह हैं यहां महिलाएं इस धंधे से जुड़ी हुई हैं. औरंगाबाद जिले में मधुमक्खी पालन से भी महिलाएं सालाना लाखों रुपए की कमाई कर रही हैं. जिले के नबीनगर प्रखंड की 4 महिला उद्यमियों के द्वारा पिछले 2 वर्षों से मधुमक्खी पालन कर रही हैं और इस काम से हर माह एक लाख से अधिक की कमाई भी कर रही हैं.

75 हजार रुपए से की थी शुरूआत

महिला उद्यमी आरती कुमारी ने बताया कि इस व्यवसाय की शुरुआत 75 हजार रुपए खर्च कर अपने घर से ही शुरू किया था. इसके बाद धीरे-धीरे आस-पास की अन्य महिलाएं इस काम में जुड़ गई. आरती कुमारी ने बताया कि पिछले 10 वर्षों से जीविका से जुड़ी हुई थी. इस दौरान पटना, झारखंड सहित कई अन्य प्रदेशों में व्यवसाय के अलग-अलग तरीके सीखने का मौका मिला. भ्रमणके दौरान मधुमक्खी पालन ने आकर्षित किया. यह सबसे आसान और अधिक फायदे वाला व्यवसाय में से एक है. इसके बाद मधुमक्खी पालन को ही कमाई का जरिया बना लिया.

एक बीघा में लगाया है मधुमक्खी प्लांट

बता दें कि महिला उद्यमी आरती कुमारी करंज का शहद, तुलसी शहद, अजवाइन शहद, एकेसिया शहद और शीशम शहद तैयार कर बिक्री करती हैं. इसके लिए आरती  ने 1 बीघे में मधुमक्खी प्लांट को इंस्टॉल किया है. आरती कुमारी ने बताया कि आयुर्वेदिक हनी बनाने के लिए मशीन की जरूरत पड़ती है. मशीन में हनी को डालकर हर तरह का शहर उत्पादन कर सकते हैं. अजवाइन, तुलसी एवं अन्य तरह के शहद को मशीन की मदद से ही तैयार करते हैं.

हर माह एक लाख से अधिक की है कमाई

आरती ने बताया कि फिलहाल रोजाना 20 किलो तक शहद का उत्पादन हो रहा है. हनी की बॉटलिंग कर बाजार में बिक्री करते हैं. बता दें कि इस व्यवसाय से आरती कुमारी और उनके साथियों को हर महीने एक लाख से अधिक की कमाई हो जाती है. आरती और उनके साथियों के द्वारा तैयार हनी को पटना और रांची के खादी मॉल सहित दूसरे प्रदेशों में भी भेजा जाता है.

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रंग लाई चार महिलाओं की मेहनत, अब मधुमक्खी पालन से लाखों में कर रही कमाई

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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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