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रविवार को जहां देशभर के कईं रेलवे स्टेशनों पर अमृत भारत योजना की सौगात मिली। वहीं, क्षेत्रीय सांसद केपी यादव के दावे के मुताबिक अशोकनगर रेलवे स्टेशन का नाम अमृत भारत योजना में शामिल था लेकिन आज इसका नाम अचानक गायब हो गया। पीएम मोदी ने मध्यप्रदेश के 34 रेलवे स्टेशनों के पुनर्निमाण की आधार शिला रखी। उनमें अशोकनगर स्टेशन का नाम नहीं था। इसके बाद से लोगों में यह बात चर्चा का विषय बनी हुई है। दूसरी तरफ कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर सांसद केपी यादव पर सवाल उठा रही है। उनका कहना है कि सांसद की निष्क्रियता की वजह से ऐसा हुआ है।
दरअसल, सांसद डॉक्टर केपी यादव ने स्टेशन के कायाकल्प करने के लिए प्रेसनोट जारी किया था। उन्होंने सोशल मीडिया पर रेलवे स्टेशन के पुनर्निमाण का प्रारूप फोटो भी शेयर किया था। इसके बाद स्टेशन का मुआयना करने पश्चिम मध्य रेल के महाप्रबंधक सुधीर गुप्ता और रेल मंडल भोपाल प्रबंधक भी दो बार दौरा कर चुके है। एकाएक रेलवे स्टेशन का अमृत भारत स्टेशन योजना से नाम हटने के बाद चर्चा का विषय बना हुआ है।
इस मामले में जब सांसद डॉक्टर केपी यादव को फोन कर जानकारी लेनी चाही तो कई बार प्रयास करने के बाद भी उनका फोन नहीं लगा।
वहीं, कांग्रेस नेता रितेश जैन ने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना से सारी तैयारियों के बाद अंतिम क्षण में अशोकनगर का नाम गायब होना आश्चर्यचकित करने वाली घटना है। इसकी असली वजह तो दावा करने वाले रेलवे बोर्ड के सदस्य माननीय लोकसभा सांसद ही बताएंगे या तो यह उनकी निष्क्रियता की वजह से हुआ है या कोई श्रेय की राजनीति के चक्कर में राज्यसभा से हवाई जहाज से नाम उड़ाके ले गया।

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