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‘कश्मीर में हर महाशिवरात्रि को होती है बर्फबारी’, इस बार भी 2 महीने के सूखे के बाद गिरी बर्फ

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Image Source : PTI
महाशिवरात्रि के मौके पर कश्मीर में जमकर बारिश और बर्फबारी हुई।

श्रीनगर: महाशिवरात्रि एक ऐसा त्यौहार है जो कश्मीर में सदियों से सभी को हैरान करता आ रहा है। कहा जाता है कि कश्मीर में चाहे कोई भी मौसम हो, महाशिवरात्रि के मौके पर बर्फबारी और बारिश जरूर होती है। कश्मीर में ऐसा सदियों से देखने को मिल रहा है और इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ है। पिछले दो महीने से यहां सूखा पड़ा हुआ था, न तो बारिश हुई और न ही बर्फबारी। हालत ऐसी थी कि नदियां एक बूंद पानी के लिए तरस रही थीं, सूखी पड़ी थीं। लेकिन कुदरत ने ऐसा चमत्कार कर दिया कि महाशिवरात्रि के अवसर पर न सिर्फ बारिश हुई, बल्कि पहाड़ों पर भी जमकर बर्फबारी हुई।

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‘मौसम के मिजाज 25 फरवरी से बिगड़ गए’

बता दें कि शुष्क मौसम को देखकर लोग बारिश और बर्फबारी की दुआ कर रहे थे, लेकिन कुदरत ने ऐसा करिश्मा किया कि महाशिवरात्रि के मौके पर न सिर्फ बारिश हुई, बल्कि पहाड़ों पर भी जमकर बर्फबारी हुई। इंडिया टीवी से बात करते हुए मौसम विभाग के निदेशक मुख्तार अहमद ने कहा कि 25 फरवरी से 28 फरवरी तक पूरे कश्मीर में बारिश और बर्फबारी हुई है। जब उनसे पूछा गया कि क्या महाशिवरात्रि के अवसर पर बर्फबारी होने का कोई रहस्य है, तो मुख्तार अहमद ने कहा, ‘कश्मीर में महाशिवरात्रि के मौके पर अक्सर बारिश और बर्फबारी होती है। इस बार भी मौसम के मिजाज 25 फरवरी से बिगड़ गए, जिसके कारण पूरे कश्मीर में बर्फबारी और तेज़ बारिश देखने को मिली।’

‘हमारे पूर्वज भी इस बारे में बोलते आए हैं’

इंडिया टीवी से बात करते हुए वरिष्ठ लेखक रशीद राहिल ने कहा कि महाशिवरात्रि पर बारिश और बर्फबारी का मामला आस्था से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा, ‘महाशिवरात्रि के त्योहार पर कश्मीर में बारिश और बर्फबारी जरूर होती है। हमारे पूर्वज भी यही कहते आए हैं। एक जमाने में एक बौद्ध बादशाह ने इस दिन को फरवरी के महीने के बजाय मई-जून के महीने में मनाने का हुकुम दिया था। कहा जाता है तब भी कश्मीर में बारिश हुई थी। शिव का संबंध कश्मीर से है, इस लिहाज से कश्मीरी पंडितों के लिए इस दिन बर्फबारी का होना उनके लिए भगवान की कृपा होती है, यह उनकी आस्था है, जिसे तस्लीम करना चाहिए।’

‘लंबे समय बाद बारिश हुई, जो शुभ संकेत है’

महाशिवरात्रि के मौके पर बारिश और बर्फबारी के रहस्य पर बात करते हुए महंत गणेश राज ने कहा, ‘यह शंकर भगवान की भूमि है। पवित्र अमरनाथ में शंकर भगवान ने तपस्या की है, पार्वती को अमर कथा सुनाई है, और जहां भगवान की भूमि है, वहां बर्फबारी होती है। यह कश्मीर में एक परंपरा है। भगवान शिव का रहस्य है जो समय आने पर दिखता है। आज महाशिवरात्रि का दिन आया है और लंबे समय बाद बारिश हुई, जो एक शुभ संकेत है।’



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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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