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कबाड़ से जुगाड़:पैसे बचाने के लिए आदिल ने कबाड़ से बनाई साइकिल, बचे रुपयों से पूरी करता है बीवी की शौक – Adil Mansuri Who Runs A Welding Shop Made A Bicycle Out Of Jugaad In Rajgarh

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Adil Mansuri who runs a welding shop made a bicycle out of jugaad in Rajgarh

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आदिल मंसूरी
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारत देश प्रतिभाओं का धनी है, यहां शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कलाकार बसे हुए हैं, लेकिन सोशल मीडिया के इस युग में धीरे-धीरे सभी को अपना हुनर दिखाने का मौका मिल रहा है। ऐसा ही एक युवक मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिला मुख्यालय से है, जिसका नाम आदिल मंसूरी है और प्यार से उसे सब (आदिल मोला) कहकर पुकारते हैं, जिसका पेशा वेल्डिंग का कार्य है।

बता दें कि आदिल ने कबाड़ के सामान से जुगाड़ करके एक साइकिल का निर्माण किया है, जिसे बनाने में आदिल को एक सप्ताह से अधिक का वक्त और लगभग 10 हजार रुपये का खर्च आया है। कबाड़ से जुगाड़ करके साइकिल बनाने को लेकर आदिल से जब बात की गई तो उसने एक दिलचस्प बात बताई, जहां उन्होंने हमें साइकिल बनाने की शुरुआत से लेकर आखिर तक पूरी बात समझाई। वहीं, उन्होंने उनकी पत्नी के प्रति उनके प्रेम को जाहिर भी किया।

आदिल ने बताया कि उनके पास होंडा कंपनी की शाइन बाइक है, जिसमें वे लगभग 70 से 80 रुपये का पेट्रोल रोजाना डलवाकर अपना काम चलाते थे। लेकिन जब से उन्होंने साइकिल तैयार की है, उन्होंने बाइक में पेट्रोल डलवाना बंद कर दिया। जब उनसे पूछा गया कि पेट्रोल की बचत पैसा वे कहां खर्च करते हैं तो उन्होंने शर्मीले अंदाज में कहा कि वो इस बचत से उनकी बीवी के शौक पूरे करते हैं।

इस तरह की आठ साइकिलें बनाकर बेच चुका आदिल…

इस साइकिल को देखने के बाद लोग आदिल के पास इसी तरह की साइकिल बनवाने के लिए आ रहे हैं। वह 12 से 13 हजार रुपये में साइकिल बनाकर बेच रहा है। अब तक वह आठ साइकिल बना चुका है।

कार के टायर और कबाड़ के जुगाड़ से बनी साइकिल…

आदिल की दरगाह गेट के पास बेल्डिंग की दुकान है। उसने व्हील की जगह मारुति कार के टायर लगाए हैं। जब वह साइकिल से सड़क पर निकलता है तो हर कोई उसे देखने लगता है। आदिल ने बताया कि एक दिन दुकान पर जब कोई काम नहीं था, तभी एक साइकिल को देख उसके मन में अलग तरह की साइकिल बनाने का ख्याल आया। तभी वहां कबाड़ में गया और वहां से पाइप, चेन और पेडिल लाया और साइकिल बनाने में लग गया। इस साइकिल को बनाने में उसे आठ हजार रुपये का खर्च आया। अब वह इस साइकिल का उपयोग कर अपने घर से दुकान आने जाने के लिए करता है।

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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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