बकस्वाहा/छतरपुर | छतरपुर जिले की बकस्वाहा नगर परिषद में भ्रष्टाचार का नंगा नाच उस वक्त बेनकाब हो गया, जब ईओडब्ल्यू सागर की टीम ने एक बड़ी स्ट्राइक की। गरीबों के सिर पर छत देने वाली ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ में भी सेंध लगाने वाली मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) नेहा शर्मा और उपयंत्री शोभित मिश्रा को रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोच लिया गया। एक गरीब अहिरवार परिवार से पट्टे और मकान के बदले चंद रुपयों का सौदा करना इन ‘भ्रष्ट’ साहबों को भारी पड़ गया।
गरीब की आह और EOW का जाल
मामला तब शुरू हुआ जब स्थानीय निवासी हरिराम अहिरवार ने ईओडब्ल्यू इकाई सागर में गुहार लगाई। हरिराम का कसूर सिर्फ इतना था कि वह अपना आवासीय पट्टा और पीएम आवास की स्वीकृति चाहता था। लेकिन मैडम सीएमओ और इंजीनियर साहब ने इसके बदले 40 हजार रुपये की डिमांड कर डाली। सौदा 30 हजार में तय हुआ, लेकिन हरिराम ने भ्रष्टाचार के आगे झुकने के बजाय ‘जंग’ का रास्ता चुना।
मैडम का ‘मास्टरमाइंड’ दांव पड़ा उल्टा, रंगे हाथ पकड़े गए इंजीनियर
ईओडब्ल्यू की टीम ने आज पूरी प्लानिंग के साथ जाल बिछाया। शातिर सीएमओ नेहा शर्मा ने खुद सीधे पैसे न लेकर रिश्वत की रकम उपयंत्री शोभित मिश्रा को दिलाने का इशारा किया। जैसे ही उपयंत्री ने रिश्वत के नोट थामे, ईओडब्ल्यू की टीम ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। जब पंचों के सामने इंजीनियर के हाथ धुलवाए गए, तो वे ‘गुलाबी’ हो गए, जो उनके काले कारनामों की गवाही दे रहे थे।
पूरी टीम ने घेरा, भ्रष्टाचार का किला ढहा
इस बड़ी कार्रवाई को DSP उमा नवल आर्य और निरीक्षक प्रशांत मिश्रा के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। टीम ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उन्हें हिरासत में ले लिया है। इस कार्रवाई के बाद पूरे नगर परिषद और जिले के भ्रष्ट अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।
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