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केन-बेतवा विस्थापितों की ‘आवाज’ को जेल की सलाखें: अमित भटनागर की गिरफ्तारी से सुलग उठा बुंदेलखंड; हक मांगने पर दमन क्यों?

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अरविन्द जैन/छतरपुर। केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित गरीबों और विस्थापितों के हक की बुलंद आवाज़, समाजसेवी अमित भटनागर को धारा 151 के तहत गिरफ्तार कर प्रशासन ने क्या अपनी ‘दमनकारी नीति’ को प्रदर्शित किया है। जब पुलिस के पास किसी की जनसेवा का कोई जवाब नहीं होता, तो वह अक्सर ऐसी ही ‘शांति भंग’ की धाराओं का सहारा लेती है।

विस्थापितों के आंसू पोंछने वाले समाजसेवी को जेल की सलाखों के पीछे भेजकर प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उसे विकास की परियोजनाओं में ग्रामीणों का दर्द नहीं दिखता। धारा 151 का प्रयोग जिस तरह से किया गया है, उसने न्यायपालिका और पुलिस की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।

पीड़ितों की माने तो अमित भटनागर की रिहाई और विस्थापितों की सुनवाई नहीं हुई, तो निश्चित ही जनता का यह आक्रोश जल्द ही सड़कों पर आंदोलन की आग बनकर फट सकता है । जिले के आला अधिकारियों को अब जागना होगा..
केन-बेतवा के डूब क्षेत्र में जी रहे ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन यह बिलकुल न भूले कि सलाखें आवाज़ को कैद कर सकती हैं, आक्रोश को नहीं। केन-बेतवा के डूब क्षेत्र में जी रहे ग्रामीणों के दर्द को अमित भटनागर की गिरफ्तारी ने और हवा दे दी है। वहीं बिजावर तहसीलदार अभिनव शर्मा ने कोर्ट में पेश किया गया जहाँ से उन्हें १४ दिनों के लिए जेल भेज दिया गया है.

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इनका कहना है
बिजावर थाना प्रभारी DSP हर्ष राठौर ने बताया कि यह कार्यवाही किशनगढ़ थाना अतर्गत प्रतिबंधत्मक कार्यवाही की गयी है और शासकीय कार्य में बाधा को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से की गयी है, कोई व्यक्तिगत द्वेष भावना से कार्यवाही नहीं की गयी है.. प्रशासनिक कार्यवाही में मदद करना पुलिस का काम है उसी को लेकर कार्यवाही की गई है…

बिजावर थाना प्रभारी DSP हर्ष राठौर

केन-बेतवा विस्थापितों की आवाज़ उठाने वाले अमित भटनागर वहां महिलाओं को आगे रखकर प्रशासन के कार्यों में अवरोध पैदा कर रहे है, एक भी पुरुष विरोध करने सामने नहीं आये हैं, साथ ही कल बिजावर एसडीएम को कल महिलाओं ने विरोध करते हुए दौड़ा दिया था जिसका नेतत्व अमित कर रहे थे, जबकि जो पैकेज राशि या जो भी राशि है वह विस्थापित लोगों को दी जा चुकी है कुछ मामलों में विसंगतिया जरूर हैं उनको लेकर प्रशासन पूरी संवेदनशीलता से कार्य कर रहा है और प्रशासन का पूरा प्रयास है कि किसी भी प्रकार से कोई विष्थापित मुआवजे से वंचित ना रहे, लेकिन शासकीय कार्य में बाधा डालना अनुचित है इसी को लेकर प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की गयी है।
ADM, मिलिंद नागदेवे

ADM, मिलिंद नागदेवे

Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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