बड़ा मलहरा | कहा जाता है कि संकल्प में यदि दृढ़ता हो और मेहनत में ईमानदारी, तो संसाधनों की कमी कभी सफलता की राह नहीं रोक सकती। इसे सच कर दिखाया है बड़ा मलहरा के वार्ड क्रमांक 15 निवासी रुचिर तिवारी ने। महज़ 26 वर्ष की अल्पायु में रुचिर का चयन भारतीय सेना (Indian Army) के प्रतिष्ठित इंजीनियर विभाग में जूनियर इंजीनियर (JE) के पद पर हुआ है। इस खबर के आते ही पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है और बधाइयों का तांता लगा हुआ है।
सीमित संसाधन और असीमित हौसला
एक कृषक परिवार से ताल्लुक रखने वाले रामप्रकाश तिवारी के सुपुत्र रुचिर ने अपनी सफलता से यह सिद्ध कर दिया कि प्रतिभा किसी महानगर की मोहताज नहीं होती। ग्रामीण परिवेश और सीमित सुविधाओं के बीच रुचिर ने अनुशासन और तकनीकी दक्षता को अपना हथियार बनाया। रुचिर ने पहले ही प्रयास में देश की सबसे सम्मानित सेवाओं में से एक ‘आर्मी इंजीनियर सर्विस’ में स्थान बनाकर युवाओं के सामने एक नई मिसाल पेश की है।
जनप्रतिनिधि और नागरिकों ने जताया हर्ष
रुचिर की इस ऐतिहासिक सफलता पर क्षेत्र के लोकप्रिय जनप्रतिनिधि प्रद्युम्न सिंह लोधी, तहसीलदार विश्वभर सिंह मरावी, मानिक शर्मा, नत्थू जमीदार सहित गणमान्य नागरिकों ने प्रसन्नता व्यक्त की है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि रुचिर की यह उपलब्धि क्षेत्र के अन्य युवाओं को भी रक्षा सेवाओं और तकनीकी क्षेत्रों में जाने के लिए प्रेरित करेगी।
अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को देते हुए रुचिर तिवारी ने कहा कि:
“यदि आपका लक्ष्य स्पष्ट है और आप निरंतर परिश्रम करने के लिए तैयार हैं, तो दुनिया की कोई भी ताकत आपको सफल होने से नहीं रोक सकती। देश की सेवा करने का अवसर मिलना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।”










