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दतिया जिला मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हेमंत सिंह ने खादय सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 में दोषी पाते हुए आरोपी खुशीराम पिता धर्मसिंह पाल निवासी निचरोली को तीन साल की सजा और 90 हज़ार रुपए के अर्थदण्ड से दण्डित किया है।
अभियोजन अधिकारी (शासकीय बकील) सुदीप शर्मा ने बताया कि, दिनांक 27 जून 2013 को दोपहर करीब दो बजे खादय सुरक्षा अधिकारी दिनेश सिंह निम और खाद्य सुरक्षा अधिकारी सतीश कुमार शर्मा माँ वैष्णवी किराना स्टोर, स्टेशन रोड़ दतिया पर निरीक्षण करने पहुंचे। मौके पर कारोबार का संचालन कर रहे व्यक्ति का नाम पता पूछा तो उसने अपना नाम खुशीराम पाल पिता धर्मसिंह पाल निवासी गांव निचरौली बताया और अपने आप को माँ वैष्णवी किराना स्टोर का मालिक बताया।
मौके पर दुकान का निरीक्षण किया तो दुकान में विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ विक्रय पाया गया। वही एक खुले पैकेट में राजश्री गुटखा के 52 पाउच पाए, गए पूछने पर खुशीराम पाल ने बताया कि गुटखे का विक्रय उसके द्वारा मानवीय उपभोग के लिये जाता हैं। खुशीराम पाल द्वारा मां वैष्णवी किराना स्टोर पर खाद्य कारोबार कर्ता होते हुए, असुरक्षिम अमानक मिथ्याछाप युक्त खाद्य पदार्थ राजश्री गुटखा विक्रय के लिए रखा जो केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा बनाए गए नियमों के उल्लंघन में इतिसिद्ध पदार्थ था।
इस प्रकार असुरक्षित अमानक मिथ्याछाप युक्त खाद्य पदार्थ विक्रय के लिए रखने के संबंध में खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिनेश सिंह निम द्वारा आरोपी के विरूद्ध आवश्यक कार्यवाही कर चार्जशीट को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। विचारण उपरांत न्यायालय द्वारा आरोपी को दोषी पाते हुए, आरोपी को तीन साल की सजा और 90 हज़ार के अर्थदण्ड से दण्डित किया है।
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