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Pig Development Scheme Scheduled Caste and Scheduled Tribe scheme Government provide 90 percent subsidy

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Agency:News18 Bihar

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New Business Idea: पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग ने राज्य के अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए सूकर विकास योजना के तहत लाभुकों को उन्नत नस्ल के दो मादा और एक नर सूकर 90 फीसदी अनुदान पर उपलब्ध कराया जा रहा ह…और पढ़ें

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सरकार इसमें 90% सब्सिडी दे रही है जिसमें लाभुक को सिर्फ 2106 रुपया जमा करना होगा

गया. बिहार सरकार के पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग ने राज्य के अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों के लिए सूकर विकास योजना लाई है. इस योजना के तहत लाभुकों को उन्नत नस्ल के दो मादा सूकर और एक नर सूकर की इकाई लगाने के लिए अनुदान भी दिया जाएगा. इस योजना के तहत 90% सब्सिडी देने का प्रावधान है. मादा सूकर का अनुमानित दर 6 हजार जबकि नर सूकर का 7500 रुपए है.

दो मादा और एक नर सूकर की कुल राशि 19,500 रुपए है और इसमें 8% इंश्योरेंस के रूप में 1560 रुपए लिया जाता है. इस तरह दो मादा और एक नर सूकर की कुल राशि 21 हजार 60 रुपए है. लेकिन सरकार इसमें 90% सब्सिडी दे रही है, जिसमें लाभुक को सिर्फ 2106 रुपए जमा करना होगा.

इन कागजातों की पड़ेगी जरूरत

इस योजना का लाभ लेने के लिए अनुसूचित जाति और जनजाति के लोग जिला पशुपालन विभाग में ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है और यह लगभग 1 महीने तक चलेगी. आवेदन में आवेदक को पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ, पहचान पत्र की छाया प्रति, आवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड तथा बैंक पासबुक की फोटो कॉपी संलग्न करना जरूरी है. पहले आओ पहले पाओ के तर्ज पर लाभुकों का चयन किया जाएगा. चयनित लाभुक को एक दिवसीय प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिसके लिए प्रति लाभुक 300 रुपए का प्रावधान किया गया है.

इस ब्रीड का मिलेगा सूकर

इस योजना के तहत लाभुकों को व्हाइट यॉर्कशायर, लैंडरेस, टेमवर्थ, और टी एंड डी या झारसुक नस्ल का सूकर प्रदान किया जाएगा. गया जिले में कुल 34 लाभुकों को इस योजना का लाभ दिया जाएगा. जिसमें अनुसूचित जाति के 25 और अनुसूचित जनजाति के 9 लोगों को दिया जाना है. जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. आरके गौतम ने लोकल 18 को बताया कि सूअर का यह प्रजाति हर छह महीने में 12-14 बच्चे देती है. एक साल में दो सूकर से कूल 48-50 बच्चे होंगे. इस प्रजाति के सूकर का ग्रोथ काफी ज्यादा है और एक साल में 80-100 किलो का हो जाएगा.

10 से 12 हजार है एक सूकर की कीमत

उन्होंने बताया कि सूकर विकास योजना के तहत इकाई लगाने के लिए 2 मादा और 1 नर सूकर प्रदान किया जाएगा. इकाई लागत 21,060 रुपए है, जिसमें लाभुकों को 90% अनुदान पर 2106 रुपए जमा करना होगा.  उन्हाेंने बताया कि आने वाले दिनों में बिहार में सूकर पालन का व्यवसाय तेजी से बढ़ेगा और इसमें पशुपालकों को अच्छी आमदनी होगी. एक सूकर की औसतन कीमत बाजारों में 10 से 12 हजार मिलेंगे. इस तरह 48-50 सूकर से पशुपालक साल में 5 लाख से अधिक की आमदनी कर सकते हैं.

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पशुपालकों के लिए धांसू स्कीम, 2106 रुपए लगाकर सालाना लगा सकते हैं 5 लाख

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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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