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माधव नेशनल पार्क को टाइगर रिजर्व के रूप में नोटिफाई करने की सभी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं, नोटिफिकेशन का ड्राफ्ट एकदम तैयार, लेकिन डेढ़ माह से इसे होल्ड करके रखा गया है। यह स्थिति तब है जब नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी ने 1 दिसंबर को ही टाइगर रिजर
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इसके बाद 2 दिसंबर को जिस दिन रातापानी टाइगर रिजर्व का नोटिफिकेशन जारी किया गया, उसी दिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की थी, कि अगले 15 दिन के भीतर माधव नेशनल पार्क को भी टाइगर रिजर्व का नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा।
इसके बाद आनन-फानन में वन विभाग ने माधव नेशनल पार्क के ड्राफ्ट को रैक्टीफिकेशन के लिए विधि विभाग को भेज दिया। विधि विभाग ने भी प्रस्ताव को परिमार्जित कर 16 दिसंबर तक वन विभाग को वापस लौटाते हुए अपनी स्वीकृति दे दी। तब से लेकर डेढ़ माह से अधिक वक्त बीत चुका है।
15 दिन की सीएम की घोषणा अवधि के बाद 45 दिन और बीत चुके हैं, लेकिन माधव नेशनल पार्क का प्रस्ताव होल्ड पर हैं। नोटिफाई होने के बाद माधव देश का 58वां और मप्र का 9वां टाइगर रिजर्व होगा।
माधवराव सिंधिया की जयंती पर हो सकता है नोटिफिकेशन आखिर वजह जो भी हो, लेकिन सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के दबाव में इसे होल्ड किया गया है। गौरतलब है कि सिंधिया की मांग पर ही माधव को टाइगर रिजर्व बनाने की प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया गया था। सूत्रों के मुताबिक अगले माह 10 मार्च को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के पिता स्व. माधवराव सिंधिया की 80वीं जयंती हैं। जानकारों का कहना है कि संभवत: इसी दिन के इंतजार में माधव टाइगर रिजर्व का नोटिफिकेशन होल्ड है।
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