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अपराध छिपता नहीं…वाइफ की कलाई पर थी ऐसी चीज जिसने खोल दी हसबैंड के क्राइम की पोल, मासूम बनकर दे रहा था धोखा!

हाइलाइट्स

बड़े भाई को छोटे भाई ने मारी गोली, फिर लेकर पहुंचा अस्पताल. छोटे भाई ने मासूम बनकर मीडिया में दिया बयान, पर पकड़ा गया. पत्नी की कलाई पर बंधी थी ऐसी चीज जिसने खोला अपराध का राज.

प्रियांक सौरभ/मुजफ्फरपुर. बीते 14 जुलाई की रात को कांटी थाना क्षेत्र के दामोदरपुर में जमीन कारोबारी शशिभूषण को गोली लगी थी. इसके बाद शशिभूषण के छोटे भाई पवन श्रीवास्तव ने आनन फानन में उन्हें शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन इस गोलीबारी की सच्चाई जब सामने आई तो सब हैरान रह गए. दरअसल, पुलिस जांच में गोली मारने की इस घटना में कोई और नहीं बल्कि शशिभूषण के छोटे भाई पवन ही शामिल है, जिसने उसे अस्पताल पहुंचाया था. अस्पताल में आकर पवन श्रीवास्तव ने बेहद मासूमियत से मीडिया के सामने बयान भी दिया और घटना को लेकर अनभिज्ञता भी जताता रहा.

गोलीबारी की इस घटना का खुलासा भी बेहद रोचक तरीके से हुआ. दरअसल आरोपी पवन की पत्नी सोनी के हाथ में बंधे रक्षा सूत्र में लगे खून से इस मामले का खुलासा हुआ और इसमें इनलोगों की संलिप्तता सामने आई. पवन की पत्नी ने गोलीबारी की घटना के बाद सबूत छुपाने और घर में लगे खून को साफ करने की कोशिश की थी, लेकिन FSL की जांच में पकड़ी गई. इस मामले में पवन की पत्नी और एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया है.

मामले का उदभेदन करते हुए डीएसपी पश्चिमी अभिषेक आनंद ने बताया कि घटना का पीओ क्लियर नहीं था, बावजूद पुलिस जांच में जुटी थी. जहां घटनास्थल बताया गया वहां से खून लगा एक चप्पल मिला, वहीं महज कुछ कदम की दूरी पर शशिभूषण के छोटे भाई पवन का घर हैं. जब पुलिस वहां पहुंची तो वहां दीवार पर गोली का निशान मिला, बेड पर से चादर गायब मिला. फिर FSL की टीम की नजर पवन की पत्नी सोनी के हाथ के बंधे रक्षा सूत्र पर गई जिसमे ब्लड स्टोन मिला.

इसके बाद जब उससे सख्ती से पूछताछ की गई तो महिला ने बताया कि उनके भैंसुर शशिभूषण को उनके पति और अन्य लोगो ने बुलाया था. सब दारू पी रहे थे, तभी विवाद हुआ और फिर गोली चल गई. इसके बाद उनके पति पवन अपनी गाड़ी में लेकर अस्पताल चले गए. वहीं महिला घर में लगे खून को पोछने लगी और सुबूत मिटाने लगी. साथ ही पिस्टल और मैगजीन भी छिपा दिया.

डीएसपी अभिषेक आनंद ने बताया कि मामले में महिला सोनी, दिलीप चौधरी को गिरफ्तार कर लिया गया है. वहीं, अन्य आरोपी की गिरफ़्तारी के लिए छापेमारी चल रही है. फिलहाल मामला जमीन से जुड़ा प्रतीत हो रहा है. बहरहाल, इस उलझाऊ केस को सुलझाकर मुजफ्फरपुर पुलिस ने अपने सफल कारनामों की फेहरिस्त में एक और उपलब्धि जोड़ ली है.


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एडवोकेट अरविन्द जैन

संपादक, बुंदेलखंड समाचार अधिमान्य पत्रकार मध्यप्रदेश शासन

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