Home मध्यप्रदेश Punishment for the accused of molesting a minor | नाबालिग से छेड़छाड़...

Punishment for the accused of molesting a minor | नाबालिग से छेड़छाड़ के आरोपियों को सजा: पिता के एक्सीडेंट का बहाना बनाकर नाबालिग को स्कूल से ले गए; खंडहर में की छेड़छाड़ – Guna News

59
0

[ad_1]

जिले के आरोन इलाके में नाबालिग के साथ छेड़छाड़ करने वाले आरोपियों को कोर्ट ने सजा सुनाई है। आरोपी नाबालिग को स्कूल के बाहर से यह कहते हुए ले गए थे कि उसके पिता का एक्सीडेंट हो गया है। इस कारण नाबालिग ने साथ चली गई। आरोपी उसे एक खंडहर में ले गए और वहा

Google search engine

.

सहायक मीडिया प्रभारी ADPO मयंक भारद्वाज ने बताया कि नाबालिग ने अपने पिता और भाई के साथ उपस्थित होकर थाने पर शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि 10 अगस्त 2023 के दिन करीब 12 बजे वह अपने शासकीय विद्यालय में पढ़ने गई थी। तभी आरसखेड़ा का रहने वाला अभिषेक लोधी अपने दो दोस्त गोलू कुशवाहा एवं धम्मू लोधी दो मोटरसाइकिल से तीनों स्कूल के पास आए। अभिषेक लोधी, गोलू कुशवाहा एवं धम्मू लोधी उनके यहां ईंटों का काम करता था। अभिषेक लोधी उससे बोला कि तुम्हारे पापा का बनवीरखेड़ी के पास एक्सीडेंट हो गया है। वह एकदम से घबरा गई।

तभी अभिषेक लोधी ने उसे बोला कि चलो देखने चलते हैं। वह तीनों वही जा रहे हैं। नाबालिग गोलू कुशवाह की मोटरसाइकिल पर पीछे बैठ गई। वे तीनों उसे अपने साथ बनवीरखेड़ी की बोलकर बजरंगगढ़ किले के पीछे खंडरों में ले गए। उसने अभिषेक से बोला कि उसे यहां क्यों लेकर आए हो, तो वह बोला कि आगे आगे देखो होता है क्या। इतने में गोलू कुशवाहा ने बुरी नीयत से उसका सीधे हाथ की कलाई पकड़ी। धम्मू लोधी ने बुरी नीयत से उल्टा हाथ पकड़ा और अभिषेक लोधी ने बुरी नीयत से चुन्नी खींची और कहा की तीनों उसके साथ जबरदस्ती करेंगे। वह चिल्लाने लगी, तो वहीं पास के दो लोग आ गए। उन्हें देखकर अभिषेक लोधी, गोलू कुशवाहा और धम्मू लोधी उसे वहीं पर छोड़कर अपनी अपनी मोटरसाइकिल से वहां से भाग गए। उन दोनों लोगों ने उससे पूछा कि कहां की रहने वाली हो उसने कहा कि वह आरोन की रहने वाली है। उन दोनों ने नाबालिग को अपने मोटरसाइकिल से आरोन तक छोड़ दिया। घर पर पहुंचकर अपने पिता एवं भाई को घटना के बारे में बताया।

आरोन पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया ,जहां से उन्हे जेल भेज दिया गया। विवेचना के बाद अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान नाबालिग, उसके पिता, भाई अपने आरोपों से पलट गए। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए तीनों आरोपियों को दोषी माना। उन्हे तीन तीन वर्ष की सजा सुनाई। साथ ही उन पर जुर्माना भी लगाया।

[ad_2]

Source link

Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
Google search engine

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here