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Medical examination report of the disease spread in Fuap came | फूप में फैली बीमारी की मेडिकल जांच रिपोर्ट आई: विब्रिया कॉलरा बैक्टीरिया का संक्रमण फैलने की पुष्टि, हैजा के हालत बने – Bhind News

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फूप में अब मरीजों की संख्या कम हुई है। शनिवार को दो ही नए मरीज आए हैं।

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भिंड में फूप कस्बे के तीन वार्डों में पिछले दिनों से लगातार निकल रहे उल्टी-दस्त के मरीजों की स्टून जांच कराई गई। फूप सामुदायिक केंद्र से मरीजों के सैम्पल लिए गए और मेडिकल कॉलेज ग्वालियर के लिए जांच के लिए भेजा गया। जांच रिपोर्ट में विब्रिया कॉलरा संक

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फूप कस्बे के वार्ड क्रमांक 5, 6 और 7 में सोमवार 10 जून को अचानक सुबह से लोग उल्टी-दस्त की बीमारी से पीड़ित हो उठे। एक दिन में ही आधा सैंकड़ा मरीज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती हुए। मंगलवार 11 जून को भी बढ़ी तादाद में मरीज सामने आए। इस दिन तीन मौत होने की पुष्टि हुई। उल्टी और दस्त के बाद तीन मौतों की खबर से लोगों में हड़कंप मच गया। प्राथमिक तौर पर अंदेशा लगाया कि दूषित पानी से बीमारी फैली।

जिला प्रशासन व नगर पंचायत परिषद फूप ने पेयजल सप्लाई लाइन के लीकेजों की जांच रिपोर्ट तैयार कराई परंतु हर प्वाइंट पर ओके रिपोर्ट पेश की गई। बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को लगातार पानी के सैम्पल पीएचई विभाग द्वारा लिए जाते रहे। प्रथम दिन लिए गए पानी की जांच रिपोर्ट में पीएचई विभाग ने नाइट्रेट व हानिकारक वैक्टीरिया होने की बात कही थी। इसके बाद क्लोरीन मिलाकर पानी सप्लाई किया गया। इधर मरीजों की संख्या में धीरे-धीरे सुधार होता गया।

फूप का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र।

फूप का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र।

उल्टी-दस्त के सैम्पल भेजे जांच के लिए

इधर जब लगातार मरीज आते गए तो स्वास्थ्य विभाग की सर्तक हो गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फूप ने मरीजों के हालात देखते हुए उल्टी-दस्त के सैम्पल लिए और जांच के लिए मेडिकल कॉलेज ग्वालियर भेज दिए। बताया जाता हैकि यह सैम्पल बुधवार को भेज गए। शनिवार काे जांच रिपोर्ट आई। इस जांच रिपोर्ट को हालांकि सार्वजनिक नहीं किया गया। सूत्रों का कहना हैकि जांच रिपोर्ट में विब्रिया कॉलरा बैक्टीरिया पाया गया। यह बैक्टीरिया, संक्रमित व्यक्ति के मल से फैलता है। यह बैक्टीरिया शरीर में आने से हैजा बीमार का जनक है।

रिपोर्ट मुझे नहीं मिली

  • इस पूरे मामले में भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव का कहना हैकि अभी मेरे पास कोई जांच रिपोर्ट नहीं आई है। विब्रिया कोलेरा, मानव से मानव को प्रभावित करता है। पानी से डायरिया बीमारी फैलती है। पीने का पानी की सप्लाई लाइन चेक कराई गई। परंतु कोई लीकेज नहीं मिला। विब्रिया कोलेरा का बैक्टीरिया जांच में आया है तो उच्च जांच कराए जाने को लेकर लिखेंगे।
  • मरीजों को स्वास्थ्य सेवा देने के लिए खड़ी एम्बुलेंस।

बैक्टीरिया के संक्रमण से हो सकती फैल

मध्य प्रदेश हेल्थ मिशन के रिटायर्ड डायरेक्टर पंकज शुक्ला का कहना हैकि हैजा के कारण विब्रियो कोलेरा एक बैक्टीरिया संक्रमण है। जो संक्रमित व्यक्ति का मल दूषित पानी मिलने या फिर शेलफिश या अन्य खाद्य पदार्थों का सेवन करने से होता है। एक बार संक्रमित होने के बाद, लोग मल में बैक्टीरिया बाहर निकालते हैं। इस प्रकार, संक्रमण तेजी से फैलता है। हैजा की स्थिति में व्यक्ति को बार-बार दस्त-उल्टी होती है। इस बीमारी में बुखार नहीं आता है। इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को चावल के माढ़ के पानी जैसे दस्त आते हैं। बार-बार दस्त होने से डीहाईड्रेशन के स्थिति बनती है। शरीर का पानी कम होने से व्यक्ति की मौत हो सकती है।

ऐसे करें बचाव

  • लोग दूषित भोजन और दूषित पानी से बचें।
  • पानी स्वच्छ व उबालकर पीएं। क्लोरीन से पानी साफ करें।
  • बीमारी की हालात में तत्काल चिकित्सा सलाह लें।
  • बीमारी की स्थिति में ज्यादा से ज्यादा ओआरएस का घोल पीएं।
  • बीमारी की जांच के लिए मल के नमूने की जांच कराएं।

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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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