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जिले में बार-बार मौसम में हो रहे बदलाव के कारण तापमान में उतार चढ़ाव हो रहा है। जिसका विपरीत प्रभाव लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।सबसे ज्यादा लोग वायरल फीवर के साथ उल्टी-दस्त बीमारी का शिकार हो रहे हैं। बीते मार्च माह में 15407,अप्रैल में 15993 व
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इन मरीजों की जांच में अब तक कोई भी डेंगू जैसी जानलेवा बीमारी से ग्रसित नहीं पाया गया है। वहीं जनवरी माह से अब तक डेंगू,जेई (जापानी एंसेफलाइटिस)और मलेरिया के मरीज सामने आ चुके हैं। जिला मलेरिया अधिकारी के अनुसार इस सीजन मौसम में बदलाव से मलेरिया और डेंगू बीमारी फैलने की आशंका है।
जनवरी माह से अब तक जांच में मलेरिया के आठ,जेई,डेंगू और चिकनगुनिया के एक-एक मरीज मिले है। जिला मलेरिया अधिकारी रामजी भलावी का कहना है कि मौसम में बदलाव से मलेरिया और डेंगू के होने की आशंका रहती है।ऐसे में लोगों को सावधानी बरतना चाहिए। वर्षा होने और एक जगह पर 10 दिनों से अधिक समय तक पानी भरे रहने के कारण मच्छरों के पनपने की संभावना अधिक रहती है।
इससे मच्छर जनित बीमारियों के फैलने की संभावना भी अधिक रहती है।मौसम में बार-बार हो रहे बदलाव के कारण लोग उल्टी-दस्त और पेट दर्द जैसी बीमारियों का भी शिकार हो रहे हैं।जिला अस्पताल में हर दिन पांच सौ से ज्यादा मरीज उपचार कराने पहुंच रहे हैं।
इनमें बच्चों व बुजुर्गों की संख्या ज्यादा है।बीमारियों से बचने के लिए खान-पान पर विशेष ध्यान देने की सलाह जिला अस्पताल में पदस्थ आरएमओ डाक्टर पुरूषोत्तम सूर्या ने दी है।नौतपा की तेज झुलसाने वाली गर्मी के बाद अब आसमान में छा रहे बादलों के कारण उमस भरी गर्मी लोगों को हलकान कर रही है।
कल बुधवार को तापमान 39 डिग्री दर्ज किया गया। आज सुबह से बदली के और दोपहर में तेज धूप ने लोगों को हलकान किया।दोपहर में तेज धूप व गर्मी से राहत पाने के लिए लोग घरों से मुंह पर कपड़ा बांध कर व टोपी, चश्मा लगा कर निकले,ताकि गर्मी का प्रभाव उन पर कम पड़े।लोगों ने बताया कि तेज गर्मी और उमस के कारण उन्हें बेचैनी हो रही है।


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