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उज्जैन | भगवान भाव के भूखे हैं। वह भाव देखकर दौड़े चले आते हैं। शबरी, सुदामा, विदुर यह सब कथा प्रसंग इनके उदाहरण हैं। इसी क्रम में स्वर्णगिरी पर्वत भी है। यहां भगवान श्रीकृष्ण अपने मित्र सुदामा के साथ नंगे पैर आए थे। यह स्थान परम पावन व चैतन्य है। इस
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