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छिंदवाड़ा के नोनिया करबल में रहने वाले एयरफोर्स के जवान विक्की पहाड़े पुंछ में हुए आतंकी हमले में शहीद हो गए। उनके शहीद होने की खबर लगते ही नोनिया करबल समेत पूरे इलाके में गम का माहौल है। बेटे की शहादत पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हैं। हर कोई शहीद जवान की शहादत को नमन कर रहा है।
दरअसल, 4 मई को जम्मू कश्मीर के पुंछ में आतंकियों ने एयरफोर्स के काफिले पर हमला कर दिया था। जिसमें छिंदवाड़ा के जवान विक्की पहाड़े शहीद हो गए। हमले में पांच जवान घायल हुए थे, जिसमें विक्की को गंभीर चोट आई थी। देर शाम उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। उनके पार्थिव शरीर को उधमपुर सैनिक कैंप में रखा गया है। जहां से विशेष विमान के जरिए नागपुर लाया जाएगा और नागपुर से विशेष वाहन से उनकी पार्थिव देह छिंदवाड़ा पहुंचेगी। जहां, आज उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
मृतक की पत्नी हुई बेसुध, परिजन हुए बेहाल
अमर शहीद विक्की पहाड़ी की धर्मपत्नी उनके शहीद होने की खबर लगते ही बेसुध हो गईं। परिवार के अन्य लोगों को भी बुरा हाल है। शहीद का एक 5 साल का बेटा भी है।
हिवरा वासुदेव में किसान थे विक्की के पिता
विक्की पहाड़े का परिवार हिवरा वासुदेव का रहने वाला है, विक्की के पिता किसानी करते थे। विक्की तीन बहनों के बीच में अकेले भाई थे। विक्की पहाड़े के पिता डिमाग पहाड़े का साल 2008 में सड़क हादसे में निधन हो चुका था। इसके बाद विक्की पर ही परिवार को चलाने की जिम्मेदारी थी। साल 2011 में वे पढ़ाई कर एयरफोर्स में शामिल हो गए।
विक्की की 2 बहनें एग्रीकल्चर विभाग में, एक बहन ASI
गौरतलब है कि विक्की पहाड़े की दो बहनें एग्रीकल्चरल डिपार्टमेंट में हैं, जबकि एक बहन नरसिंहपुर में सब इंस्पेक्टर पद पर है। उनजे जीजा एनआईए में है। विक्की की शादी 12 मई 2018 मई को हुई थी। उनकी पत्नी का नाम रीना पहाड़े हैं तथा उनका एक 5 साल का बेटा है जिसका नाम हार्दिक पहाड़े है। उनकी मां का नाम दुलारी वाई पहाड़े है। घर में पत्नी-बच्चे और उनकी मां बदहवास होकर विक्की का इंतजार कर रहे हैं। उन्हें जैसे ही सुबह सूचना लगी, उनका पूरा परिवार रो रोकर बे हाल हो गया है। नाते रिश्तेदार उनके घर पर आने लगे हैं तो वहीं उनके साथी यार। अपने साथी के अंतिम दीदार के लिए पलकें बिछाकर बैठ गए हैं।
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