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केन्द्रीय जेल नरसिंहपुर में प्रिज़न कार्यक्रम के एक दिव्यांग प्रतिभागी मनीष ने आर्ट ऑफ़ लिविंग कार्यक्रम का अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, “मैं मनीष, पुत्र बलराम प्रसाद नेत्रहीन हूँ, लेकिन मैंने आर्ट ऑफ लिविंग का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। सुदर्शन क्रिया, ध्यान की बहुत अच्छी विधि है। इससे जो अनुभव हुए मैंने स्वयं महसूस किए यह ज़िंदगी का सबसे अच्छा अनुभव है।
इसके लिए मैं आर्ट ऑफ लिविंग का हृदय से आभारी रहूँगा। इस
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