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मध्यप्रदेश का मौसम बदला-बदला लग रहा है। दो दिनों से कहीं-कहीं बारिश हो रही है। इससे कई जगह पारा गिरा है। वर्षा का दौर रुक-रुककर चार-पांच दिन तक बने रहने के संकेत भी हैं। प्रदेश में दिन का पारा 37 डिग्री तक फिर पहुंच गया है। रात का तापमान ज्यादा नहीं बदल रहा है। बादल छंटने के बाद मौसम फिर बदलेगा। होली के बाद तेज गर्मी पड़ने की संभावना बन रही है।
मौसम केंद्र की रिपोर्ट कहती है कि बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के जबलपुर संभागों के जिलों में कहीं-कहीं वर्षा दर्ज की गई। अधिकतम तापमान सभी संभागों के जिलों में विशेष परिवर्तन नहीं हुआ। जबलपुर संभाग के जिलों में सामान्य, इंदौर-नर्मदापुरम संभागों के जिलों में सामान्य से काफी अधिक रहे। न्यूनतम तापमान में भी विशेष परिवर्तन नहीं हुआ। नर्मदापुरम संभाग के जिलों में सामान्य से काफी अधिक, इंदौर-जबलपुर-शहडोल संभागों के जिलों में सामान्य रहा। अगले 24 घंटों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक तापमान में उतार-चढ़ाव रहा। पूर्वी मप्र में रात का पारा लुढ़का है तो पश्चिमी मप्र में लगभग स्थिर रहा। दिन का तापमान सभी जगह चढ़ा है। प्रदेश में सबसे गर्म राजगढ़ रहा। राजगढ़ में 37, दमोह-खरगोन में 36.5, रतलाम-धार में 36.2, खंडवा में 36.1, शिवपुरी-उज्जैन-छतरपुर 35 डिग्री अधिकतम तापमान रहा। प्रदेश में सबसे गर्म रात नर्मदापुरम की रही। नर्मदापुरम में 20.8, सागर में 19.6, भोपाल में 18.8, इंदौर में 18.6, गुना में 17.7 डिग्री न्यूनतम तापमान रहा।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार हवा का रुख वर्तमान में पूर्वी बना हुआ है। कहीं-कहीं बादल रहने के कारण दिन के तापमान में उतार-चढ़ाव रहा। पाकिस्तान और उसके आसपास बना पश्चिमी विक्षोभ समाप्त हो गया है। उधर एक नया पश्चिमी विक्षोभ अफगानिस्तान के आसपास ट्रफ के रूप में बन गया है। इस सिस्टम के प्रभाव से शनिवार से मौसम का मिजाज बदल सकता है। शनिवार-रविवार को मध्य प्रदेश के कई शहरों में गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना है। वर्षा का दौर रुक-रुककर चार-पांच दिन तक बना रह सकता है।
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