छतरपुर। बुंदेलखंड के हृदयस्थल छतरपुर की पुलिस कप्तानी की कमान अब युवा और सख्त तेवरों वाले आईपीएस रजत सकलेचा के हाथों में आ गई है। मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में विधिवत पदभार ग्रहण करते ही उनके इरादे साफ नजर आए। एडिशनल एसपी आदित्य पटले और सीएसपी अरुण सोनी सहित जिले के तमाम पुलिस अधिकारियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया, लेकिन इस औपचारिक मुलाकात के तुरंत बाद एसपी सकलेचा सीधे एक्शन मोड में नजर आए।
जिले की कानून व्यवस्था की पहली समीक्षा बैठक में ही उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि छतरपुर की सड़कों पर अब अपराधियों का नहीं, बल्कि कानून का खौफ होगा। मीडिया से मुखातिब होते हुए एसपी ने अपनी प्राथमिकताएं गिनाईं, जिनमें महिला सुरक्षा सबसे ऊपर है। उन्होंने दो टूक लहजे में कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों को पाताल से भी ढूंढ निकाला जाएगा। इसके साथ ही, जिले में जड़ें जमा चुके अवैध शराब के कारोबार और माफियाओं की कमर तोड़ने के लिए उन्होंने थाना प्रभारियों को फ्री-हैंड दे दिया है।
यूपी-एमपी की सीमाओं पर होने वाली लूट और चोरी जैसी वारदातों पर नकेल कसने के लिए एसपी ने विशेष रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने शहर की चरमराई ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने और गुंडा-बदमाशों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने की बात कही। नवागत कप्तान के सख्त रुख से साफ है कि अब छतरपुर पुलिस केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर अपराधियों के लिए काल बनकर उतरेगी।









