शासन की गाइड लाइन को ताक में रखकर कार्यपालन यंत्री महेन्द्र सिंह ने किया ठेकेदारों का भुगतान

नलजल योजनाओं में जीआई पाइप के स्थान पर सीपीबीसी पाइप का किया उपयोग
छतरपुर। जिले के पीएचई विभाग के कार्यपालन यंत्री महेन्द्र सिंह के द्वारा छतरपुर जिले में चल रही जलजीवन मिशन की योजना जो कि भारत सरकार के द्वारा संचालित की जा रही है इस योजना के तहत पूरे जिले में वर्ष 2023 तक गांव गांव में पानी पहुंचाना था। वर्ष 2020 से विभिन्न नलजल योजनाओं में पाइप बिछाने का काम किया जा रहा था। मिली जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायतों में बने स्कूल आंगनबाड़ी केन्द्रों पर इस मिशन के तहत जो नलजल योजनाएं बिछाई गई हैं उन नलजल योजनाओं में कार्यपालन यंत्री महेन्द्र सिंह के द्वारा अपने कुछ चहेते ठेकेदारों से नलजल योजनाओं में लोहे के पाइप की जगह प्लास्टिक के पाइप जो बिना आईएसआई मार्का के हैं उनका उपयोग बिना किसी वरिष्ठ अधिकारी की अनुमति के करा दिया गया है और ठेकेदारों का भुगतान भी कर दिया गया है। विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शासन की जो गाइड लाइन बनाई गई है उसमें फेरबदल करने का अधिकार कार्यपालन यंत्री को नहीं है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार छतरपुर में चार उपखंड हैं जिसमें नौगांव उपखंड में बिजावर तहसील भी आती है। इसी प्रकार बड़ामलहरा उपखंड में बकस्वाहा इसके अलावा छतरपुर एवं राजनगर के साथ लवकुशनगर गौरिहार ऐसे चार उपखंड हैं इनमें दो दो विकासखंड शामिल किए गए हैं। नौगांव उपखंड में एसडीओ संचित खेत्रपाल हैं वहीं बड़ामलहरा उपखंड के एसडीओ जेपी प्रभाकर हैं। छतरपुर एवं राजनगर की एसडीओ हैं सुचि जैन, लवकुशनगर उपखंड के सहायक यंत्री प्रतीक जैन हालांकि इनका स्थानांतरण हो चुका है। इन चारों सहायक यंत्रियों पर पीएचई के कार्यपालन यंत्री ने दबाव बनाकर भुगतान कराने की कार्यवाही की जबकि नौगांव के सहायक यंत्री ने मेजरमेंट करने से मना कर दिया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दो उपखंडों के सहायक यंत्रियों ने पीएचई के कार्यपालन यंत्री के दबाव में मेजरमेंट कर ठेकेदारों का भारी भरकम भुगतान कर दिया है। जिसकी शिकायत छतरपुर के जागरुक पत्रकार ने प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश के मुख्यसचिव इकबाल सिंह वैश्य, सागर कमिश्रर एवं छतरपुर कलेक्टर एवं पन्ना कलेक्टर से की है। गौरतलब हो कि महेन्द्र सिंह का तबादला राज्य शासन द्वारा पन्ना जिले के लिए कर दिया गया था और महेन्द्र सिंह के द्वारा पन्ना में ज्वाइनिंग भी दे दी है उसके बावजूद भी आज शनिवार को छुट्टी के दिन पीएचई के कार्यपालन यंत्री महेन्द्र सिंह के द्वारा अपने चहेते ठेकेदारों को बुलाकर उनका भुगतान किया गया। इन नलजल योजनाओं में शासन को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है। इसकी जांच कराने की मांग की गई है और दोषी कार्यपालन यंत्री से वसूली किए जाने की भी मांग की गई है। वहीं इसी कार्यालय में पदस्थ मुख्य लिपिक पीडी रैकवार को शासन द्वारा निलंबित किया गया था जिसका मुख्यालय टीकमगढ़ जिला किया गया था परंतु मुख्य लिपिक आज भी कार्यालय में कार्यपालन यंत्री के कहने पर शासकीय अभिलेखों में हेराफेरी करते देखा गया है। छतरपुर जिले में जब से कार्यपालन यंत्री महेन्द्र सिंह पदस्थ हुए हैं तब से जिले की सभी ग्राम पंचायतों की नलजल योजनाओं में भारी घोटाला हुआ है। और सूत्रों से यह भी जानकारी मिली है कि जो भी नलजल योजनाएं हैं उन्हें जबरन में पंचायतों को सौंपा जा रहा है।