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रमजान महीने में जहर वाला प्लान… कहने को 5 वक्त के नमाजी ये कट्टर आतंकवादी, रोजे को लेकर रची गहरी साजिश

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Ramadan Iftar Terrorist Plot: कहने को कट्टर आतंकवादी, पांच वक्त के नमाजी, लेकिन रमजान के पावन रोजे में भी जहर मिलाने की साजिश… यही है आतंकवादी संगठनों की कड़वी सच्चाई जो अफगानिस्तान के तालिबान ख़ुफ़िया एजेंसी…और पढ़ें

रमजान का पावन महीना एक या दो मार्च से शुरू हो रहा है.

हाइलाइट्स

  • अफगानिस्तान में रमजान के दौरान जहर मिलाने की साजिश का अलर्ट जारी.
  • तालिबान के बड़े नेताओं को रोजा इफ्तार में जहर देने की योजना.
  • इस्लामिक स्टेट और सहयोगी संगठनों पर साजिश का शक.

अफगानिस्तान के जनरल डायरेक्टरेट इंटेलिजेंस ने अलर्ट जारी किया है कि बड़े अधिकारी और नेता रमजान के महीने में सोच समझकर रोजा खोलें. संदिग्ध व्यक्तियों के साथ रोजा खोलने में मिल सकता है जहर… तालिबानी खुफिया एजेंसी ने अपने अलर्ट में साफ तौर पर लिखा है कि आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट और उसके सहयोगी संगठन ऐसे संदिग्ध लोगों के जरिये तालिबान के बड़े नेताओं और अधिकारियों को रोजा इफ्तार कार्यक्रम में बुला सकते हैं, जहां मौत उनका इंतजार कर रही होगी.

खुफिया शाखा की तरफ से जारी अलर्ट के मुताबिक रोजा इफ्तार के दौरान जो खाना दिया जाएगा, उसमें घातक जहर मिलाने की साजिश रची गई है. ध्यान रहे कि इस्लामिक स्टेट के आतंकवादियों ने इसी तरह से पिछले दिनों इसी तरह से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के इशारे पर आतंकवादी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के एक बड़े सरगना को अफगानिस्तान में एक व्यक्ति के यहां दोपहर के खाने पर बुलाया था और जब वह खाने पर पहुंचा तो वहां उसे बम से उड़ा दिया गया.

अफगानिस्तान तालिबान के जनरल डायरेक्टरेट इंटेलिजेंस ने इस बाबत खुफिया पत्र अफगानिस्तान सरकार के हर मंत्री और बड़े अधिकारी को भेजा है. इसमें खुद को कट्टर आतंकवादी कहे जाने वाले आतंकवादी संगठन की पोल खोली गई है कि किस तरह से वे रमजान के पावन महीने में भी रोजा इफ्तार के खाने में जहर मिलाकर अपनी साजिश को अंजाम देना चाहते हैं.

कब शुरू हो रहा रमजान?
मुस्लिमों के लिए रमजान का महीना बेहद पवित्र माना जाता है. इसकी शुरुआत चांद के दिखने पर निर्भर करती है. अगर इस साल 28 फरवरी को चांद नजर आता है, तो पहला रोजा 1 मार्च 2025 को रखा जाएगा. वरना फिर रमजान की शुरुआत 1 मार्च को होगी, और पहला रोजा 2 मार्च को रखा जाएगा. रमजान का महीना 29 या 30 दिनों का होता है, जो चांद के दिखने पर निर्भर करता है. इसलिए, ईद-उल-फितर की तिथि भी चांद के दीदार के अनुसार निर्धारित होगी.

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रमजान महीने में जहर वाला प्लान… रोजे को लेकर आतंकियों ने रची क्या नई साजिश?


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एडवोकेट अरविन्द जैन

संपादक, बुंदेलखंड समाचार अधिमान्य पत्रकार मध्यप्रदेश शासन

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