वीरांगना अवंतीबाई महाविद्यालय में ला के छात्रों ने धरना देकर किया प्रदर्शन: कॉलेज संचालक पर छात्रों ने भविष्य बर्बाद करने के लगाए आरोप

छतरपुर। छतरपुर के अशासकीय वीरांगना अवंतीबाई महाविद्यालय के संचालक अशोक दीक्षित पर छात्रों का भविष्य बर्बाद करने के गंभीर आरोप लगाते हुए यहां पढऩे वाले एएलबी और बीएएलएलबी के वर्तमान व पूर्व छात्रों ने धरना प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेता भी शामिल रहे। कॉलेज प्रबंधन पर आरोप लगाए गए हैं कि उनके द्वारा बगैर मान्यता के ही अनेक विद्यार्थियों को एलएलबी एवं बीएएलएलबी कोर्स के लिए प्रवेश दिया गया। अब इन परीक्षाओं में पास हो चुके विद्यार्थियों का रजिस्ट्रेशन स्टेट बार काउंसिल के द्वारा नहीं किया जा रहा है।
स्टेट बार काउंसिल ने कहा कॉलेज को मान्यता ही नहीं
वीरांगना अवंतीबाई महाविद्यालय में कानून के छात्र रहे प्रशांत शर्मा ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2018 में एलएलबी में प्रवेश लिया था। महाविद्यालय के द्वारा वर्ष 2022 में उनकी एलएलबी पूरी कराई गई। इसके बाद जब वे स्टेट बार काउंसिल में अपना पंजीयन कराने पहुंचे तो बार काउंसिल ने पंजीयन करने से इनकार दिया। उन्होंने अधिवक्ता पंजीयन के लिए 10-11.2022 को स्टेट बार काउंसिल जबलपुर में अपना पंजीयन फार्म जमा किया था। 14.11.2022 को स्टेट बार काउंसिल ने जब अपनी सूची जारी की तो उसमें आवेदक का नाम शामिल ही नहीं किया गया। जब उन्होंने इस बारे में जानकारी प्राप्त की तो पता लगा कि वीरांगना अवती बाई महाविद्यालय को बीसीआई के द्वारा 2015-16 के बाद से मान्यता ही नहीं दी गई है। इस संबंध में प्राचार्य और महाविद्यालय के डायरेक्टर भी कोई ठीक जवाब नहीं दे रहे हैं।
विद्यार्थी परिषद ने कहा छात्रों का भविष्य बर्बाद कर रहा कॉलेज
इस प्रदर्शन के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद भी पीडि़त छात्रों के साथ धरना प्रदर्शन करता नजर आया। विद्यार्थी परिषद के विभाग संयोजक विनय तिवारी ने कहा कि जब कॉलेज प्रशासन के पास मान्यता ही नहीं थी तो फिर विद्यार्थियों के प्रवेश ही क्यों लिए। 4 से 5 साल इस महाविद्यालय में पढऩे वाले विद्यार्थियों का भविष्य अब अंधकारमय हो गया है इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। विद्यार्थी परिषद के एक अन्य नेता सचिन मिश्रा जो कि एक पीडि़त छात्र भी हैं। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय प्रबंधन मान्यता न होने के बाद लगातार एलएलबी और बीए एलएलबी में प्रवेश ले रहा है जो कि आपराधिक कृत्य है। उन्होंने इस मामले में उच्च शिक्षा विभाग और मप्र शासन से कार्यवाही की मांग की है।