What will MP get in the central budget? | केंद्र के बजट में एमपी को क्या मिलेगा?: सिंहस्थ के लिए स्पेशल पैकेज, केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट के लिए मिल सकते हैं 2 हजार करोड़

मोदी 3.0 का पहला पूर्ण बजट 23 जुलाई को संसद में पेश होगा। इस बजट में मध्यप्रदेश को सिंहस्थ 2028 के आयोजन के लिए स्पेशल पैकेज मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट के लिए इस साल 2 हजार करोड़ रुपए मिल सकते हैं।
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डॉ. मोहन यादव सरकार ने अपने पहले बजट में 6 एक्सप्रेस-वे को प्राथमिकता से पूरा करने का ऐलान किया है। एक्सप्रेस वे के सभी प्रोजेक्ट पर अगले 5 साल में 65 हजार करोड़ रु. खर्च होंगे। केंद्र सरकार इसके लिए भी मदद दे सकती है। इसके अलावा केंद्र की सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए 800 करोड़ रुपए अतिरिक्त मध्यप्रदेश को मिल सकते हैं।
वित्त विभाग के सूत्रों का कहना है कि मध्यप्रदेश को केंद्र से 2024-25 में 95,750 करोड़ रुपए मिलने की उम्मीद है। पिछले वित्तीय वर्ष (2023-24) में 80,184 करोड़ रुपए दिए गए थे। इस साल 19% बढ़ोतरी की उम्मीद है। हस्तांतरण केंद्रीय करों में राज्य का हिस्सा है और इसका भुगतान केंद्र सरकार द्वारा मासिक आधार पर किया जाता है।
सिंहस्थ 2028:18 हजार करोड़ खर्च करेगी मोहन सरकार
उज्जैन में होने वाला सिंहस्थ महापर्व (27 मार्च 2028 से 27 मई 2028) के लिए मप्र की डॉ. मोहन सरकार 18 हजार करोड़ रुपए खर्च करेगी। इसके आयोजन से पहले उज्जैन-इंदौर संभाग को धार्मिक-आध्यात्मिक सर्किट के रूप में विकसित किया जाएगा।
सरकार का अनुमान है कि सिंहस्थ मेले में 14 करोड़ से अधिक श्रद्धालु शामिल होंगे। जिनके लिए बुनियादी सुविधाएं बढ़ाने, शिप्रा शुद्धीकरण, सड़कों को ट्रैफिक जाम से मुक्त रखने और पर्यावरण सुधार को ध्यान में रखकर योजनाएं तैयार की गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव खुद इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। राज्य के बजट में सिंहस्थ के लिए 3 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
मंत्रालय सूत्रों का कहना है कि राज्य सरकार ने केंद्र से इस आयोजन के लिए 20 हजार करोड़ रुपए का स्पेशल पैकेज देने की मांग की है। इसमें से केंद्र सरकार 7-8 हजार करोड़ स्वीकृत कर सकती है। ये राशि मप्र सरकार को किस्तों में मिल सकती है।
मोहन सरकार ने सिंहस्थ में श्रद्धालुओं के लिए बेहतर परिवहन सुविधा के लिए इंदौर और उज्जैन के बीच मेट्रो ट्रेन चलाने का निर्णय भी 22 जून को लिया है।

केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट के लिए 2 हजार करोड़
केन-बेतवा नदी जोड़ने के लिए केंद्र सरकार अगले वित्तीय वर्ष 2024-25 में 2 हजार करोड़ रुपए देगी। जबकि राज्य सरकार को 10 फीसदी राशि अपने बजट से खर्च करना होगी। पिछले साल आम बजट में केंद्र सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए 3500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया था, लेकिन इसे घटाकर 1400 करोड़ रुपए कर दिया।
प्रोजेक्ट को इस साल शुरू करने की तैयारी है। पन्ना-छतरपुर की 5480 हेक्टेयर गैर-वन सरकारी जमीन हस्तांरित किए जाने की औपचारिकताएं पूरी हो चुकी है। राज्य सरकार नौरादेही- वन्यजीव अभयारण्य को प्रोजेक्ट टाइगर के अंतर्गत लाने की अनुमति पहले ही दे चुकी है।
मंत्रालय सूत्रों ने बताया कि केन-बेतवा लिंक परियोजना पर कुल 46 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे। इस परियोजना से सबसे ज्यादा फायदा बुंदेलखंड क्षेत्र को होगा। जिसमें मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के 13 जिले आते हैं। इनमें मध्यप्रदेश के 9 जिले पन्ना, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह, दतिया, विदिशा, शिवपुरी और रायसेन आते हैं, वहीं उत्तर प्रदेश के बांदा, महोबा, झांसी और ललितपुर जिले हैं।

इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट: केंद्र से 6,592 करोड़ अतिरिक्त मिलेंगे
इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के लिए पूंजीगत कार्यों के लिए 2023-24 में केंद्र सरकार ने 60 हजार 689 करोड़ रुपए मप्र को दिए थे। इस बार इससे ज्यादा राशि उपलब्ध कराई जाने की संभावना है।
विशेष केंद्रीय सहायता के अंतर्गत 10 हजार 910 करोड़ के प्रस्ताव मप्र की तरफ से भेजे गए थे। इसमें से 4 हजार 318 करोड़ रुपए की स्वीकृति पहले ही मिल चुकी है। लेकिन शेष राशि 6 हजार 592 करोड़ रुपए अब मिलेंगे। साथ ही भोपाल, इंदौर, जबलपुर और उज्जैन में बन रहे फ्लाई ओवर के लिए केंद्र सरकार इस साल 700 करोड़ रुपए दे सकती है।

ऊर्जा के क्षेत्र में लोन की सीमा बहाल होने की उम्मीद
राज्य शासन उदय योजना के तहत विद्युत वितरण कंपनियों के लोन 13 हजार 365 करोड़ की वसूली अब तक नहीं कर पाया है। यही वजह है कि केंद्र सरकार ने बिजली कंपनियों को बाजार से लोन लेने की सीमा को कम कर दिया है। राज्य सरकार ने अब इस लोन की सीमा बहाल करने की मांग वित्त मंत्रालय से कही है।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन: 858 करोड़ रुपए अतिरिक्त मिल सकते हैं
इंदिरा राष्ट्रीय वृद्धावस्था, विधवा एवं नि:शक्त जन पेंशन योजना के तहत केंद्र सरकार ने 2013-14 में पेंशनर्स की संख्या में स्टेट कैंपिंग की गई है। लेकिन इसके बाद राज्य में पेंशनर्स की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। इससे राज्य सरकार पर 858 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वित्तीय भार आ रहा है।
ऐसे में राज्य सरकार को उम्मीद है कि केंद्र इस साल से पेंशन राशि को बढ़ाकर देगा। राष्ट्रीय विधवा व नि:शक्त जन पेंशन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह 300 रुपए की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। राज्य सरकार ने केंद्र से महंगाई की वृद्धि के अनुपात में इस पेंशन राशि को बढ़ाने का अनुरोध किया है। इस मद में भी अतिरिक्त राशि मिल सकती है।

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण): 9 लाख घरों के लिए मिलेगी राशि
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मध्य प्रदेश में ग्रामीण इलाकों में 29 लाख मकान स्वीकृत हैं। इसमें से 7 लाख मकानों के लिए राशि मिल चुकी है। केंद्र के आम बजट में शेष 22 लाख में से 9 लाख मकान के लिए राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
जन-मन योजना के तहत आदिवासी जनजातियों के आवास बनाने के लिए 2 लाख रुपए प्रति हितग्राही दिए जाएंगे। अभी यह राशि 1 लाख 40 हजार रुपए है।

पीएम मुद्रा लोन योजना
स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार की पीएम मुद्रा लोन योजना के तहत राशि बढ़ाई गई है। मध्य प्रदेश के 12 लाख 56 हजार से अधिक हितग्राहियों को 3578 करोड़ रुपए का लोन दिया जा चुका है। अब नए लक्ष्य के लिए मप्र को ज्यादा लाभ मिल सकता है।
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