ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी ने अपने, पत्नी व रिश्तेदारों के खाते में डलवाए रुपए | Fraud in payment of employees; Money deposited in the account of self, wife and relatives

अनूपपुर22 मिनट पहले
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अनूपपुर जिले के पुष्पराजगढ़ में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। यहां 63 लाख से ज्यादा रुपयों की धोखाधड़ी की गई है। चार सदस्यीय दल जांच में यह मामला सामने आया है। इस मामले में अपराध पंजीबद्ध कराने के लिए जिला कोषालय अधिकारी को थाने जाना पड़ा।
धोखाधड़ी का मास्टरमाइंड ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी सुखलाल अहिरवार निकला। उसने 5 वर्षों में अपने ही विभाग के कर्मचारियों के स्वत्व का भुगतान खुद के व अपने रिश्तेदारों के नाम पर कर दिया। जिला कोषालय अधिकारी बाबूलाल प्रजापति की शिकायत पर सुखलाल अहिरवार के विरुद्ध केस दर्ज किया गया है।
30 कर्मचारियों से 63 लाख 42 हजार की ठगी
ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी सुखलाल अहिरवार ने अपने आहरण संवितरण अधिकारी के लॉगिन पासवर्ड का दुरुपयोग कर कार्यालय के 30 कर्मचारियों के बैंक खातों में परिवर्तन कर 63 लाख 42 हजार 87 रुपए की धोखाधड़ी की गई। पूरे मामले के संबंध में संदेह तब हुआ जब आयुक्त कोष एवं लेखा पर्यावास भवन भोपाल द्वारा वित्तीय अनियमितता के संबंध में जिला कोषालय अधिकारी को अवगत कराया गया था। कर्मचारियों के एरियर, वेतन, सेवानिवृत्त स्वत्व अन्य कार्यालयीन देयकों की राशि अपने खाते में ट्रांसफर करा ली थी।
पत्नी और रिश्तेदारों के खाते में भेजे रुपए
फर्जीवाड़े के इस खेल में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी ने स्वयं की पत्नी और रिश्तेदारों के बैंक खातों का भी प्रयोग किया। 5 वर्षों में सुखलाल अहिरवार ने अपने बैंक खाते में 36 लाख 28 हजार 545 तथा दूसरे खाते में 2 लाख 77 हजार 743 रुपए जमा कराए। पत्नी अंजू अहिरवार के खाते में 11 लाख 96 हजार 833, रिश्तेदार दलवीर अहिरवार के खाते में 4 लाख 85 हजार, शांति अहिरवार के खाते में 5 लाख 17 हजार 250 तथा एक अन्य रिश्तेदार प्यारी लागे के खाते में दो लाख 3 हजार 295 रूपए जमा कराए गए। यह राशि कर्मचारियों के बैंक खाते में जानी थी जिसमें धोखाधड़ी की गई।
ऐसे करता था धोखाधड़ी
सुखलाल अहिरवार के द्वारा धोखाधड़ी करने के लिए दो रास्ते अपनाए जाते थे। कम पढ़े लिखे कर्मचारियों के भुगतान को वह सीधे अपने बैंक खाते में ट्रांसफर कर देता था, वहीं जानकार कर्मचारियों के भुगतान को पहले अपने खाते में डालकर दोबारा कर्मचारियों के भुगतान के लिए नए सिरे से बिल का निर्माण कर लेता था। वर्ष 2018 -19 में इस तरह से सबसे ज्यादा बार गड़बड़ी की गई। अधिकांश मामलों में 4 लाख से ज्यादा के बिलों का दो बार भुगतान किया गया। जिसको लेकर अब वसूली की बात कही जा रही है।
खातों पर लगा होल्ड
फर्जीवाड़ा की शिकायत होने के साथ ही पुलिस के द्वारा सुखलाल अहिरवार एवं रिश्तेदारों के बैंक खातों में होल्ड करा दिया गया है। किसी भी तरह से इन रुपयों का आहरण न हो इसके लिए भी बैंक को पत्र लिखा गया है। फिलहाल आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर है।
इनका कहना
पूरे मामले की जांच चल रही है, शीघ्र ही आरोपी को गिरफ्तार करा लिया जाएगा।
– जितेंद्र सिंह पवार, पुलिस अधीक्षक, अनूपपुर।
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