मध्यप्रदेश

I changed my name after getting inspired by a poem | कविता से इंस्पायर होकर बदला अपना नाम: राहगीर बोले- भविष्य किसी को नहीं पता, पैशन के लिए रिस्क तो लेना ही पड़ेगा – Bhopal News


‘जब मैंने अपनी नौकरी छोड़ी और पैशन फॉलो करना शुरू किया उस टाइम पर मैं अकेला पड़ गया था। सारे दोस्त सेटल हो चुके थे, मेरे गांव के भी लोग कहते थे कि अच्छी-खासी नौकरी छोड़कर ये क्या गाना-बजाना कर रहा है, पर अपने पैशन के लिए आपको रिस्क तो लेना ही पड़ेगा।’

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ये कहना है राइटर और सिंगर राहगीर का, सॉफ्टवेयर इंजिनियर की नौकरी को छोड़ सिंगर बने राहगीर ने अपने पैशन को फॉलो किया और अब वे अपनी सिंगिंग के लिए सोशल मीडिया पर खूब वायरल हैं। राहगीर रविवार की शाम म्यूजिक शो करने के लिए भोपाल पहुंचे। इस मौके पर दैनिक भास्कर ने उनसे खास बातचीत की।

उनके संघर्ष से लेकर सक्सेस तक की कहानी जानने के लिए पढिए पूरा इंटरव्यू ….

सवाल- राहगीर इस नाम के पीछे की वजह क्या है, यही नाम क्यों रखा आपने?

जवाब- मैं जो कविताएं लिखता हूं, गाने लिखता हूं इन सब में जातिवाद और समाज में फैली बुराइयों के ऊपर काफी तंज होते हैं। अगर मैं खुद ही किसी समाज या जाति का ठप्पा लेकर घूमूंगा तो ये डबल फेस वाली बात हो जाएगी। राहगीर नाम इसलिए चुना क्योंकि मैं अपने ज्यादातर गानों में ट्रैवलिंग का जिक्र होता है और राहगीर सबको कनेक्ट करता है। इसको सुनकर कोई परसेप्शन नहीं बना सकता इसलिए ये नाम रख लिया।

सवाल- आप तो एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे, फिर साहित्य और संगीत की दुनिया में कैसे पहुंच गए?

जवाब- मैं जॉब करने के पहले से ही कविताएं लिखा करता था। फिर कन्ट्री म्यूजिक में मेरा इंटरेस्ट बढ़ा और एक गिटार खरीद ली। सोचा कोई बैंड जॉइन करके गिटार बजाने का काम करने लगूंगा और जॉब के साथ-साथ म्यूजिक भी सीखूंगा, पर ऐसा हो नहीं पाया। मैंने जॉब छोड़कर म्यूजिक में करियर बनाने का रिस्क लिया और आज जो भी हूं आपके सामने हूं।

सवाल- आपका पहला गाना कब और कैसे हिट हुआ, बॉलीवुड में एंट्री कैसे हुई?

जवाब- मेरा पहला हिट गाना ‘आदमी भूतिया है कुछ भी चाहता है’ था। इसे मैंने सबसे पहले यूट्यूब पर रिलीज किया था। करीब डेढ़ साल तक उसपर 2 हजार व्यूज ही रहे फिर एक दिन वो अचानक से वायरल होने लगा। यही गाना पंकज त्रिपाठी की शेरदिल मूवी में रिलीज हुआ। इसलिए मेरा मानना है की आप अपना काम करते जाएं, हो सकता है उस वक्त आपको लगे की मेरे काम का कुछ नहीं होगा और एक साल बाद उसी काम के लिए आपको याद रखा जाए।

गाना हिट होने के बाद मुझे समझ आ गया की मेरी भी दुकान चल पड़ी है, अब रोज कुआ खोदो और पानी पीओ वाली कंडीशन नहीं रहेगी।

सवाल- आपका गाना है ‘मेरे गांव आओगे’ आपका गांव कहां है और गांव से शहर तक का सफर कैसा रहा ?

जवाब- सीकर जिले में खंडेला मेरा गांव है। यहीं से मेरी स्कूलिंग हुई है, इसके बाद कॉलेज की पढ़ाई पंजाब से की और जॉब पुणे में किया। एक तरह से देखा जाए तो मैं सब जगह का हो गया। बाकी मैं गांव में रहा हूं तो इससे मुझे बहुत हेल्प मिली है। मैंने कई गाने गांव की लाइफ से इंस्पायर होकर लिखे हैं। मैं अपने गानों में खेतों का जिक्र करता हूं, ऊटों का जिक्र करता हूं और वहां की जिंदगी ने मेरी आगे बढ़ने मे बहुत मदद की है।

सवाल- आपके ‘कच्चा घड़ा’ गाने की कुछ लाइन्स रील्स में बहुत वायरल हैं, इन्हें लोग मोटिवेशन समझ कर सुनते हैं,आपने ये गाना कब लिखा?

जवाब- ये गाना एक मोटिवेशन की तरह ही है। मैंने इसे अपने डाउन टाइम में लिखा था। मुझे लगता है की हमें खुद के लिए ही मदद का हाथ आगे बढ़ाना चाहिए, खुद से ही मोटीवेट रहने का तरीका सीखना चाहिए। एक टाइम पे आप कच्चे घड़े होंगे पर जब आप पक जाएंगे तो हर तरह के मौसम को झेलने के लिए तैयार हो जाएंगे।

सवाल- हर इंसान के जीवन में कुछ न कुछ उतार चढ़ाव आते हैं। आपके लाइफ में भी कुछ इस तरह का फेज आया होगा।

जवाब- जाहिर सी बात है कि जब नौकरी छोड़ी और अपना पैशन फॉलो करने का सोचा तो कहीं न कहीं ये ख्याल मन में जरूर आया कि फ्यूचर का क्या होगा। लेकिन अपने पैशन के लिए रिस्क तो लेना ही पड़ेगा। उस समय आपके दोस्त सैटल हो चुके होंगे। आपको किसी से मिलने का मन भी होगा। लेकिन आपके आसपास सभी बिजी रहेंगे।

तो कहने कि बात यह है कि आप कुछ शुरू करते हैं, तो न आपको ग्रोथ का पता होता है,न ही मंजिल का।

सवाल- आपकी काफी चैलेंजिंग लाइफ रही है। इस दौरान फैमिली सपोर्ट किस तरह रहा?

जवाब- फैमिली की सपोर्ट तो शुरू से रहा है। जो भी छोटी-मोटी डांट पड़ी है। वो मेरे लिए काफी प्रैक्टिकल रही है। मुझे अक्सर कहा जाता था, कि क्या कर रहे हो। हालांकि मेरे पापा ने मुझे किसी भी चीज की कमी नहीं रखी। जब वो आर्मी में थे तो उनका एटीएम मेरे पास हुआ करता था। जब मैंने अपनी जॉब छोड़ने की बात कही तो मेरे इस डिसीजन को लेकर चिंतित थे। लेकिन कहीं न कहीं उनका सपोर्ट मुझे लेकर हमेशा रहा है।

सवाल- आपके इतने सारे चाहने वाले फैन है। जो बेसब्री से आपके गाने का इंतजार करते हैं। तो उनके लिए कोई अपकमिंग सॉन्ग लेकर आ रहे है?

जवाब- मेरे कुछ अनरिलीजड गाने है, जिसे मैं अपने शो पर सुनाता भी हूं। अभी मेरी कविताओं के कलेक्शन पर किताब आने वाली है, साथ ही मैंने नए-नए गाने भी तैयार किए हैं। हो सकता है 10-15 दिन बाद ही इन गानों की झड़ी लगा दूं।

कुछ छोटी-मोटी शॉर्ट फिल्म लिखी है, तो उन्हें भी डायरेक्ट करना है।

सवाल- आपका कोई फेवरेट बॉलीवुड सिंगर, जिनके साथ आप काम करना चाहेंगे?

जवाब- ये काफी अच्छा सवाल है। मुझे अगर लाइफ में मौका मिले तो मैं अमित त्रिवेदी के साथ काम करना चाहूंगा। इसके अलावा पीयूष मिश्रा, इंडियन ओशन ये भी कमाल के लोग है। लेकिन देखते हैं कब इन कमाल के लोगों के साथ काम करने का मौका मिलता है।

सवाल- ऐसा कोई व्यक्ति आपकी लाइफ में, जिससे आपको इंस्पिरेशन मिलती हो?

जवाब- मैं बॉब डिलन को काफी मानता हूं। इसके अलावा मैं सतेंदर सरताज को अपना आइडल मानता हूं। लेकिन सबसे ज्यादा मुझे मोटिवेशन देने वाला मैं खुद ही हूं।

सवाल- महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों को लेकर आप काफी ज्यादा सेंसिटिव है। इस पर आपने कई गाने भी लिखे है। इस चीज को आप किस तरह से सोचते है?

जवाब- महिलाओं पर अत्याचार तो आज चारों तरफ ही हो रहा है। मैंने तो अपने गांव में ही ये सब देखा है। अपने आसपास के दोस्तों में भी ये चीजें देख रहा हूं। तो बस यही कहूंगा कि मैं जो देख पा रहा हूं, समझ पा रहा हूं। उसे लिख देता हूं।


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एडवोकेट अरविन्द जैन

संपादक, बुंदेलखंड समाचार अधिमान्य पत्रकार मध्यप्रदेश शासन

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