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Success Story : दो भाईयों ने पहले किया MBBS, विदेश में की जॉब, फिर भारत लौटकर बनाई करोड़ों की कंपनी

Success Story : पिछले कुछ साल में कई युवा विदेश में सेटल होने की बजाए अच्छी-खासी जॉब छोड़कर भारत लौटे हैं. उन्होंने यहां कामयाब स्टार्ट-अप्स शुरू किए हैं. आज आपको ऐसे ही एक एंटरप्रेन्योर भाइयों की सक्सेस स्टोरी लेकर आए हैं. सर्विस क्लास बैकग्राउंड से आने वाले इन युवाओं ने भारत लौटकर एक हेल्थकेयर स्टार्टअप शुरू किया. जो इस वक्त करोड़ों की कंपनी बन चुकी है.

यह कहानी है हेल्थकेयर स्टार्टअप आर्तास क्लीनिशेयर के संस्थापक डॉ आयुष शर्मा व डॉ अंकुर शर्मा की. दोनों भाई मुंबई में पले-बढ़े हैं. उनके पिता एयर इंडिया में कर्मचारी करते थे. जबकि मां हाउस मेकर हैं. आयुष बताते हैं कि सर्विस क्लास बैकग्राउंड से आने के चलते ऐसे फील्ड में करियर बनने की प्रेरणा मिली जिसमें हम स्वतंत्र रहने के साथ वह सम्मानजनक भी हो.

दोनों भाई ने किया एमबीबीएस

अंकुर और आयुष ने भारत में एमबीबीएस की डिग्री हासिल करने के बाद अमेरिका में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई का फैसला किया. अंकुर ने अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी से मास्टर्स की डिग्री हासिल की और डेलॉइट में एक कंसल्टेंट के रूप में काम करने का मौका मिला. भाई के ही नक्शे कदम पर चलते हुए आयुष ने भी मुंबई से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की और फिर पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए अमेरिका चले गए. साथ में उन्होंने मायो क्लीनिक में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी फील्ड में काम भी किया. साथ ही उन्होंने टॉप रैंक पब्लिक हेल्थ स्कूल जॉन्स हॉपकिंस में पब्लिक हेल्थ के मास्टर कोर्स में भी दाखिला ले लिया. लेकिन उन्होंने दोनों ही कोर्स अधूरा छोड़ दिया और भाई के साथ इंडिया लौट आए.

विदेश की जॉब छोड़ शुरू किया हेल्थ स्टार्टअप

दोनों भाइयों ने अमेरिका की अच्छी-खासी जॉब और पढ़ाई छोड़कर भारत में कुछ अलग करने की सोचा. यहां आकर उन्होंने क्लीनीशेयर की शुरुआत की. क्लीनीशेयर शुरू करने का आइडिया उन्हें भारत में अपने माता-पिता और परिवार के इलाज के दौरान आया. उन्होंने डॉक्टर और मरीजों को सपोर्ट करने के लिए हेल्थकेयर स्टार्टअप शुरू करने का फैसला किया.

डॉक्टर अंकुर बताते हैं कि वह डॉक्टरों को एक ऐसा प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराते हैं जहां वे ओपीडी प्रैक्टिस कर सकते हैं. उन्हें इसके लिए किसी तरह का क्लीनिक सेटअप करने की जरूरत ही नहीं है. उन्हें सिर्फ अपने पेशेंट के केयर पर फोकस करना है. बता दें कि क्लीनीशेयर एक एप बेस्ड प्लेटफॉर्म है.

पहले राउंड की फंडिंग में जुटाए थे 5 मिलियन डॉलर

हेल्थकेयर स्टार्टअप आरटास ने साल 2021 में पहले राउंड की फंडिंग में पांच मिलियन डॉलर जुटाए थे. यह कंपनी अब करीब 10 मिलियन डॉलर की हो चुकी है. कंपनी का लक्ष्य इस साल के अंत तक दिल्ली-एनसीआर और मुंबई में तीन और क्लीनीशेयर खोलने की योजना बना रही है. इसके बाद अगले 22 महीनों में देश प्रमुख शहरों में 18 क्लीनिक खोले जाएंगे.

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Tags: Job and career, Success Story


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एडवोकेट अरविन्द जैन

संपादक, बुंदेलखंड समाचार अधिमान्य पत्रकार मध्यप्रदेश शासन

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