यहां हंसना भी भूल गए हैं लोग, स्माइल कैसे किया जाए… अब पैसा देकर सीख रहे, कारण जानकर हो जाएंगे हैरान

हाइलाइट्स
इस देश के लोग हंसना और मुस्कुराना भूल चुके हैं.
हंसना सीखने के लिए लोग ट्रेनिंग ले रहे हैं.
कोविड महामारी के कारण ऐसा हुआ है.
नई दिल्ली. हंसना और मुस्कुराना इंसान की खुशियों का प्रतीक होता है. लेकिन क्या हो जब इंसान हंसना और मुस्कुराना ही भूल जाए. यह हैरान कर देने वाली बात जरूर है लेकिन एक देश में इस तरह का मामला सामने आ रहा है जहां लोग हंसना और मुस्कुराना भूल चुके हैं. यह देश जापान (Japan Smile) है, जहां लोग हंसना और मुस्कुराना भूल चुके हैं.
डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार जापान ने बेशक कोविड प्रतिबंधों को हटा दिया है लेकिन चेहरे पर कई सालों तक मास्क लगाने वाले लोग अब मुस्कुराना भूल चुके हैं. कोविड का खौफ लोगों के जेहन में ऐसा बैठ गया है कि लोग अभी भी मास्क चेहरे से नहीं उतार पा रहे हैं. इसका असर यह हुआ है कि लोग लंबे वक्त तक मास्क पहनने के कारण हंसना भूल चुके हैं.
कई लोग मुस्कुराहट को लेकर चिंतित
कई लोगों को चिंता है कि उनकी मुस्कान अब प्रामाणिक नहीं लगेगी, जबकि अन्य लोग केवल दुनिया को अपने चेहरे के निचले हिस्से को फिर से दिखाने के लिए उत्सुक हैं. चेहरे पर फिर से चमकदार मुस्कान लौटे इसके लिए लोग तरह-तरह के उपाय कर रहे हैं. कई लोग अपने हंसमुख भावों को फिर से खोजने के लिए विशेषज्ञों की ओर रुख कर रहे हैं. जापान टाइम्स से बात करते हुए ‘स्माइल ट्रेनर’ मिहो कितानो ने कहा, ‘मैंने ऐसे लोगों से सुना है जो कहते हैं कि भले ही वे अपने मास्क को हटाने में सक्षम हों, वे अपने चेहरे के नीचे के आधे हिस्से को नहीं दिखाना चाहते क्योंकि वे अब मुस्कुराना नहीं जानते.’
कितानो ने कहा कि उनकी कंपनी स्माइल फेशियल मसल एसोसिएशन ने व्यापार को आसमान छूते देखा है, जो लोग महामारी पहले के अपने उत्साह को फिर से तलाशना चाहते हैं. ‘स्माइल ट्रेनर’ अपने छात्रों को उनकी मुस्कान दोबारा से आए और वह शानदार हो इसमें मदद करने के लिए अभ्यास कराती हैं. स्माइल ट्रेनर लोगों को हंसना सिखाने के लिए एक्सरसाइज कराते हैं. साथ ही ट्रेनिंग में गाल के मसल्स को एक्सरसाइज से लचीला बनाया जाता है, ताकि दांत दिखाने में मदद मिल सके. कितानो का कहना है कि वह अभी तक 4000 जापानी लोगों को दोबारा हंसना सिखा चुकी हैं.
मुस्कान को फिर से बिखेरने के लिए कंपनी की शुरुआत
स्माइल एजुकेशन ट्रेनर एसोसिएशन की कीको कवानो ने कहा, ‘पारंपरिक रूप से हंसना और दांतों को दिखाना जापान में उतना ठीक नहीं माना जाता है. यहां ज्यादा मुंह हिलाए बिना जापानी भाषा में लोग बात कर सकते हैं.’ कीको बताती हैं, ‘कोविड महामारी शुरू होने के बाद से ऐसा महसूस किया गया कि देश में खुश रहने की दर घट रही है. लोग पहले से कम मुस्कुराने लगे. यह काफी परेशान करने वाली बात थी.’ इन्हीं सब परेशानियों के चलते यहां हंसना सिखाने वाली कंपनियों की शुरुआत हुई.
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Tags: Japan, Viral news
FIRST PUBLISHED : May 10, 2023, 12:42 IST
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