अजब गजब

मिलिए गुड़गांव के सबसे रईस शख्स से, गैराज से शुरू किया था काम, आज जेब में 50,000 करोड़ की कंपनी

Richest person of Gurugram: हो सकता है कि आप निर्मल कुमार मिंडा के बारे मे ज्यादा न जानते हों, मगर बिजनेस जगत में यह नाम काफी बड़ा है. ऑटो इंडस्ट्री के देश के बड़े-बड़े ग्रुप जैसे कि हीरो मोटोकॉर्प और बजाज ऑटो मिंडा की बनाई चीजों के सहारे काम चला रहे हैं. 30,000 करोड़ से अधिक की नेट वर्थ वाले निर्मल मिंडा को गुड़गांव का सबसे अमीर व्यक्ति माना जाता है. वे यूनो मिंडा ग्रुप (Uno Minda Group) के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं. यह ग्रुप आज बेशक 53,000 करोड़ रुपये से अधिक की मार्केट कैप रखता है, मगर इसकी शुरुआत से गैराज से हुई थी. सोचिए एक गैराज से चलकर हजारों करोड़ की कंपनी बनने का सफर कितना दिलचस्प रहा होगा. तो चलिए जानते हैं इस जर्नी के बारे में.

1958 में शादीलाल मिंडा (निर्मल कुमार मिंडा के पिता) ने एक छोटे से बिजनेस की शुरुआत की थी, जिसमें बाइक के इलेक्ट्रिक पार्ट बनाने का काम होता था. गैराज में एक छोटी-सी वर्कशॉप थी, जहां से पूरा काम चलता था. इंटरनेट पर उपलब्ध अलग-अलग जानकारियों के मुताबिक, 1977 में निर्मल कुमार मिंडा ने कंपनी के मार्केटिंग डिवीजन में काम करना शुरू किया. इस समय वे महज 20 साल के ही थे. 1996 में उन्होंने अपने भाई से अलग होने का फैसला लिया और अपना काम अलग कर लिया.

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निर्मल मिंडा एक दूरदर्शी और मेहनत करने वाले इंसान थे. वे खुली आंखों से सपने देखकर उन्हें साकार करने में भरोसा रखते थे. यदि वे ऐसे नहीं होते तो आज भी उनकी कंपनी शायद बाइक के इलेक्ट्रिक पार्ट्स ही बना रही होती, मगर ऐसा नहीं है. आज उनकी कंपनी की मार्केट कैप ही 53,000 करोड़ रुपये से अधिक है. यूनो मिंडा लिमिटेड भारतीय शेयर बाजारों में लिस्टेड भी है, जिसका शेयर मल्टीबैगर रिटर्न देकर निवेशकों की नजर में है.

एलॉय व्हील्स ने बदल दिया पूरा गेम
शुरुआत में यूनो मिंडा केवल मोटरसाइकिल के इलेक्ट्रिक पार्ट्स पर ध्यान केंद्रित करती थी, लेकिन निर्मल मिंडा के नेतृत्व में कंपनी ने कई क्षेत्रों में कदम रखा और सफलता की नई ऊंचाइयों को छू लिया. उन्होंने भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर में एक ऐसी चीज पेश की, जिसने पूरे ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री का चेहता बदल दिया. दरअसल, वे एलॉय व्हील्स (Alloy wheels) लाए थे. शुरू में तो लगा कि एलॉय व्हील स्टील की तारों वाले चक्कों की जगह नहीं ले पाएंगे और जल्दी ही फ्लॉप हो जाएंगे. लेकिन हुआ इसके एकदम उलट. स्टील वाले व्हील गायब हो गए और आज हर कंपनी एलॉय व्हील का इस्तेमाल कर रही है. इसके अलावा भी कंपनी ने कई इनोवेशन किए, जिससे यह कंपनी लगातार आगे बढ़ती गई.

निर्मल मिंडा ने कई रणनीतिक साझेदारियां और वेंचर्स किए, जिसने कंपनी की कुल संपत्ति को 66,904 करोड़ रुपये तक पहुंचा दिया. पिछले कुछ महीनों में शेयर प्राइस गिरने की वजह से फिलहाल मार्केट कैप कुछ कम हुई है. आपको यह जानकर हैरानी होगी कि यूनो मिंडा के पास आज दुनियाभर में 73 फैक्ट्रियां हैं और यह कंपनी कई तरह के प्रोडक्ट्स बनाने का काम करती है. इन प्रोडक्ट्स में स्विचिंग सिस्टम्स, लाइटिंग सिस्टम, अकौस्टिक सिस्टम, सीटिंग सिस्टम, एलॉय व्हील, सेंसर सिस्टम, बैटरी सिस्टम इत्यादी तैयार करती है. इन सबके बिना ऑटो सेक्टर की किसी भी कंपनी का काम नहीं चल सकता.

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2020 में तो मिंडा ग्रुप में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) के लिए भी पार्ट बनाने शुरू कर दिए हैं. निर्मल मिंडा साफ पर्यावरण के बड़े समर्थक हैं, और ईको फ्रेंडली व्हीकल्स के लिए बड़ा काम कर रहे हैं.

निर्मल मिंडा की नेट वर्थ
निर्मल कुमार मिंडा की कुल संपत्ति 2024 में लगभग 30,800 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जिससे वह गुरुग्राम और दिल्ली NCR के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए. हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2024 (Hurun India Rich List 2024) में मिंडा का नाम दर्ज अमीरों की लिस्ट में शामिल हुआ. सिंतबर 2024 की तिमाही तक यूनो मिंडा लिमिटेड में निर्मल कुमार मिंडा की 21.20 फीसदी हिस्सेदारी है. मिंडा इन्वेस्टमेंट लिमिडेट के खाते में 23.65 फीसदी शेयर हैं. सुमन मिंडा के पास 13.93 फीसदी हिस्सेदारी है.

उनकी नेतृत्व क्षमता और कंपनी की जबरदस्त वृद्धि ने उन्हें कई पुरस्कार दिलाए हैं, जिनमें इंडिया यामाहा मोटर्स द्वारा दिया गया ‘गोल्ड अवॉर्ड फॉर क्वालिटी’, और हरियाणा रत्न पुरस्कार शामिल हैं.

परोपकार भी खूब किए हैं मिंडा साहब ने
अपने बिजनेस की सफलता के साथ-साथ निर्मल मिंडा परोपकार में भी सक्रिय हैं. उनकी पत्नी सुमन मिंडा भी उनके इस सामाजिक योगदान में उनके साथ हैं. सुमन निर्मल मिंडा फाउंडेशन (SNMF) के माध्यम से उनका परोपकार समाज के कमजोर तबकों की सहायता के लिए समर्पित है. यह फाउंडेशन शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और सामुदायिक विकास पर ध्यान केंद्रित करती है, और कई लोगों के लिए बेहतर भविष्य बनाने के परिवार के मिशन को आगे बढ़ा रही है.

निर्मल कुमार मिंडा और सुमन मिंडा की दो बेटियां हैं. एक का नाम परिधि मिंडा है, जिसके पास कंपनी के 1.18 प्रतिशत शेयर हैं, जबकि इतने ही शेयर उनकी दूसरी बेटी पलक मिंडा के पास भी है. परिधि मिंडा बिजनेस में सहयोग कर रही हैं. दूसरी बेटी के बारे में ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है.

Tags: Business news, Success Story, Success tips and tricks, Successful business leaders


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एडवोकेट अरविन्द जैन

संपादक, बुंदेलखंड समाचार अधिमान्य पत्रकार मध्यप्रदेश शासन

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