छतरपुर। महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय (MCBU) का पवित्र परिसर आज शर्मसार है। जिस कैंपस को बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा का केंद्र होना चाहिए था, वहां एक सिरफिरे छात्र ने छात्राओं की गरिमा को तार-तार कर दिया है। छात्र करण कुशवाहा ने परिसर के भीतर छात्राओं पर अत्यंत अश्लील और अभद्र टिप्पणी करते हुए एक वीडियो बनाया है, जिसने पूरे बुंदेलखंड की शैक्षिक संस्कृति पर कालिख पोत दी है।
‘माल’ जैसे शब्दों का प्रयोग, क्या यही है संस्कार? सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस घिनौने वीडियो में आरोपी करण कुशवाहा कैंपस में खुलेआम घूमते हुए छात्राओं को ‘माल’ जैसे आपत्तिजनक और बाजारू शब्दों से संबोधित कर रहा है। यह रील न केवल उसकी विकृत मानसिकता को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि विश्वविद्यालय का अनुशासन किस कदर आईसीयू (ICU) में है।
कैंपस या गुंडागर्दी का अड्डा? इस घटना ने प्रशासन के सुरक्षा दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं। सवाल उठता है कि:
- क्या विश्वविद्यालय प्रशासन ने कैंपस को रीलबाजों और मजनुओं के हवाले कर दिया है?
- सुरक्षा गार्डों और अनुशासन समिति की नाक के नीचे छात्राओं का अपमान कैसे हो रहा है?
- क्या प्रशासन केवल फीस वसूलने के लिए है या बेटियों के सम्मान की रक्षा भी उसकी जिम्मेदारी है?
वीडियो सामने आने के बाद छात्र संगठनों और अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा है। मांग उठ रही है कि आरोपी करण कुशवाहा का नामांकन तुरंत रद्द किया जाए और उसे सलाखों के पीछे भेजा जाए। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अगर इस “कथित रीलबाज” पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो बेटियों को घर से बाहर भेजने में हर माता-पिता डरेगा।
अल्टीमेटम: कार्रवाई नहीं तो आंदोलन! विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने साफ चेतावनी दी है कि यदि कुलपति और पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं की, तो विश्वविद्यालय के गेट पर उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। शिक्षा के मंदिर में ऐसी ‘गंदगी’ फैलाने वालों के लिए समाज में कोई जगह नहीं होनी चाहिए।










